लखनऊ, 26 मार्च 2026:
यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं अब युवाओं के लिए जमीनी हकीकत बनती नजर आ रही हैं। इन योजनाओं के जरिए प्रदेश के युवा आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी लखीमपुर खीरी के श्रीनगर निवासी अब्दुल माबूद की है। उन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर अपने सपनों को नई उड़ान दी।
अब्दुल माबूद ने वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 10 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता ने उनके छोटे से प्रयास को एक संगठित उद्योग में बदलने में अहम भूमिका निभाई। इस धनराशि से उन्होंने आधुनिक मशीनों की खरीद की और रेडीमेड गारमेंट के व्यवसाय की मजबूत नींव रखी।

आज उनकी यूनिट में हर महीने लगभग 5 से 6 हजार लोअर (ट्रैक पैंट) तैयार किए जाते हैं। यह यूनिट न केवल उत्पादन के लिहाज से सफल है बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी एक मिसाल बन चुका है। अब्दुल के इस उद्यम से 24 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
खर्चों और लागत को निकालने के बाद अब्दुल माबूद की शुद्ध मासिक आय 50 हजार रुपये से अधिक है। यह उनकी मेहनत और सही दिशा में उठाए गए कदमों का परिणाम है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
इस योजना के तहत युवाओं को बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। इससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। योजना का आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इच्छुक युवा KVIC के PMEGP ई-पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते और पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।






