बाराबंकी, 12 फरवरी 2026:
सुबेहा थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में हुए हत्या कांड के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-दो ने पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 78,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाए जाने से पहले एक आरोपी सूरज कोर्ट रूम से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर लिया था।
सजा पाने वाले अभियुक्तों में थाना सुबेहा के अहिरन सरैया मजरे रोहना मीरापुर में रहने वाले मटरू व उसका बेटा सूरज और भाई गुद्दर शामिल हैं। चार अगस्त 2016 को यूकेलिप्टस के पेड़ों को उखाड़ने की रंजिश को लेकर परिवार में मारपीट हुई थी, जिसमें भाई बरसाती की मौत हो गई थी। घटना को लेकर मृतक बरसाती के भाई मोती ने तीनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। करीब दस वर्ष चली सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई।

इस मामले में सजा से पहले नाटकीय घटनाक्रम भी सामने आया। सात फरवरी शनिवार को केस की अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने सूरज को दोषी करार दिया और सजा के लिए अगली तारीख तय की। दोष सिद्ध होने की जानकारी मिलते ही वह हिरासत में लिए जाने से पहले ही कोर्ट रूम से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रेस की गई और रिश्तेदारों के यहां दबिश दी गई। आखिरकार रविवार को उसे जायस गांव स्थित उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां पिता और चाचा के साथ उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुना दी गई।






