लखनऊ, 2 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में दूरसंचार क्षेत्र लगातार मजबूत होता जा रहा है। शहरों के साथ-साथ गांवों तक मोबाइल, ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इसके पीछे सरकार की स्पष्ट नीति और निजी क्षेत्र का बढ़ता निवेश अहम कारण रहा है। बेहतर नेटवर्क के चलते प्रदेश में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां तेज हुई हैं और यूपी देश के प्रमुख दूरसंचार बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के अनुसार नवंबर 2025 में देश में कुल वायरलेस मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 1173.88 मिलियन रही, जो अक्टूबर 2025 में 1171.87 मिलियन थी। इस वृद्धि में उत्तर प्रदेश पूर्व और उत्तर प्रदेश पश्चिम दोनों का बड़ा योगदान रहा। नवंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश पूर्व में 1.97 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 1.35 मिलियन मोबाइल पोर्टिंग अनुरोध दर्ज किए गए। यह आंकड़े प्रदेश में मोबाइल सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।

फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, खासकर 5जी आधारित सेवाओं में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। नवंबर 2025 के अंत तक देश में कुल 5जी एफडब्ल्यूए उपभोक्ताओं की संख्या 10.41 मिलियन पहुंच गई। इसमें उत्तर प्रदेश पूर्व के 0.79 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम के 0.62 मिलियन उपभोक्ता शामिल हैं। केवल एक महीने में हजारों नए उपभोक्ताओं का जुड़ना यह साबित करता है कि डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ अब गांवों तक पहुंच रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
वायरलाइन सेवाओं में भी उत्तर प्रदेश ने स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की है। नवंबर 2025 तक देश में कुल वायरलाइन उपभोक्ता 47.05 मिलियन रहे। प्रदेश में सरकारी दफ्तरों, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों और शहरी आवासीय क्षेत्रों में वायरलाइन कनेक्शन की मांग बनी हुई है। ई गवर्नेंस सेवाओं के विस्तार से सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी की जरूरत बढ़ी है, जिससे वायरलाइन नेटवर्क को मजबूती मिली है। https://www.trai.gov.in/telecom/telecom-tariff
सक्रिय मोबाइल उपभोक्ताओं के मामले में भी उत्तर प्रदेश मजबूत स्थिति में है। नवंबर 2025 तक देश में 1090.91 मिलियन मोबाइल उपभोक्ता सक्रिय पाए गए। ऑनलाइन सरकारी सेवाएं, डिजिटल भुगतान, ई शिक्षा और टेली मेडिसिन में मोबाइल नेटवर्क की भूमिका लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, मोबाइल टावरों और 5जी तकनीक के विस्तार से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।






