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अयोध्या में गो-आश्रय स्थलों की हाईटेक निगरानी : सोलर-सिम आधारित CCTV से 24 घंटे सुरक्षा

14,800 गोवंश सुरक्षित, गोवंश संरक्षण को मिली तकनीकी मजबूती, अयोध्या के सभी गो-आश्रय हाईटेक निगरानी से जुड़े, विकास भवन कंट्रोल रूम से 87 गो-आश्रयों की पल-पल निगरानी

अयोध्या, 22 जनवरी 2026:

निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की दिशा में अयोध्या जनपद ने एक उल्लेखनीय पहल की है। जिले के सभी 87 गो-आश्रय स्थलों को अब वाई-फाई, सोलर एवं सिम आधारित अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया गया है। इससे 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

हर गो-आश्रय स्थल पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से एक कैमरा प्रवेश द्वार पर स्थापित है। इससे आने-जाने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके, जबकि दूसरा कैमरा गोशाला के अंदर लगाया गया है। इस कैमरे के माध्यम से गोवंशों की स्थिति, भूसा व हरे चारे की उपलब्धता, पानी, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी की जा रही है।

कैमरे सोलर बेस्ड होने के कारण सूर्य की रोशनी से चार्ज होकर बिना बिजली बाधा के लगातार कार्यरत हैं। सिम और वाई-फाई आधारित तकनीक के चलते मोबाइल ऐप के माध्यम से कहीं से भी लाइव स्ट्रीमिंग देखी जा सकती है। इन सभी कैमरों की स्थापना ग्राम पंचायत निधि से कराई गई है।

सभी 87 गो-आश्रय स्थलों की निगरानी के लिए विकास भवन, अयोध्या में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। यहां 11 विकास खंडों के अलग-अलग ग्रुप बनाकर टेलीविजन स्क्रीन पर एक साथ चार-चार कैमरों की लाइव स्थिति देखी जाती है। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी निरंतर निगरानी कर किसी भी कमी की सूचना मिलते ही तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

सीसीटीवी कैमरे 360 डिग्री रोटेशन, नाइट विजन, स्मार्ट डिटेक्शन, ह्यूमन डिटेक्शन और स्मार्ट ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं। सायरन और डिवाइस कॉल फीचर अवांछनीय गतिविधियों को रोकने में सहायक साबित हो रहे हैं, जिससे चोरी और गोवंशों के बाहर निकलने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगा है।

सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि जिले के गो-आश्रय स्थलों में अब तक 14,800 निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित आश्रय दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी आधारित निगरानी से पारदर्शिता बढ़ी है। गो-आश्रयों की व्यवस्थाएं पहले से अधिक प्रभावी, सुरक्षित और भरोसेमंद हो गई हैं। इस हाईटेक पहल से अयोध्या में गोवंश संरक्षण की व्यवस्था एक नए और सशक्त मॉडल के रूप में उभर रही है।

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