लखनऊ, 29 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित फूड कोर्ट को एक बार फिर आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। संचालक संस्था द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में बकाया लीज राशि का एक बड़ा हिस्सा जमा करने के बाद फूड कोर्ट से सील हटाई गई और दुकानों का संचालन शुरू हो गया। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को फिर से खाने-पीने की सुविधा मिलने लगी है। टैक्स नहीं जमा करने पर एलडीए द्वारा इसे सील कर दिया गया था।
बकाया लीज राशि बनी थी कार्रवाई की वजह
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निरीक्षण के दौरान फूड कोर्ट के संचालन में वित्तीय गड़बड़ी सामने आई थी। जांच में पता चला कि संचालक संस्था मेसर्स अमरावती इंटरप्राइजेज को करीब 1 करोड़ 15 लाख 92 हजार रुपये की लीज राशि जमा करनी थी, लेकिन केवल 22 लाख 50 हजार रुपये ही जमा किए गए थे। करीब 93 लाख रुपये बकाया पाए जाने पर एलडीए ने फूड कोर्ट को अस्थायी रूप से सील कर नोटिस जारी किया था।
57 लाख जमा, फिर शुरू हुआ संचालन
नोटिस के बाद संचालक संस्था ने एलडीए में करीब 57 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद प्राधिकरण ने फूड कोर्ट को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी। हालांकि अभी भी कुछ राशि बकाया है, लेकिन आंशिक भुगतान के आधार पर फिलहाल संचालन शुरू कर दिया गया है। नियमों के अनुसार संस्था को हर साल लगभग 75 लाख रुपये एलडीए को देने होते हैं।
करोड़ों की लागत से बना है फूड कोर्ट
हुसैनाबाद में बना यह फूड कोर्ट एलडीए द्वारा करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें भूतल पर 6 दुकानें और पहली मंजिल पर 2 बड़े रेस्टोरेंट हैं। इस फूड कोर्ट का हैंडओवर 7 दिसंबर 2024 को किया गया था। अब दोबारा खुलने से क्षेत्र की रौनक लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।






