लखनऊ, 10 मार्च 2026:
उत्तर प्रदेश में जन शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक कामकाज की निगरानी के लिए चल रही एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की फरवरी माह की रैंकिंग जारी हो गई है। इस रैंकिंग में रामपुर जिले ने पूरे 140 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं शाहजहांपुर और बाराबंकी ने 137-137 अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है, जबकि जालौन 136 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
आईजीआरएस के माध्यम से प्रदेश में जनसुनवाई, विकास कार्यों और राजस्व से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी की जाती है। इसके जरिए जिलों के कामकाज का मूल्यांकन कर हर माह उनकी रैंकिंग जारी की जाती है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
हर माह 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की होती है समीक्षा
आईजीआरएस के तहत प्रदेश के सभी जिलों में 49 विभागों से जुड़े 109 कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इसमें राजस्व कार्य, विकास योजनाओं की प्रगति और जन शिकायतों के निस्तारण जैसे कई मानकों को आधार बनाया जाता है। फरवरी की रिपोर्ट में रामपुर ने निर्धारित 140 में से पूरे 140 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के मुताबिक जिले में विकास कार्यों को तय समय सीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही जन शिकायतों के निस्तारण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी वजह से जिले को आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में पहला स्थान मिला है।
टॉप टेन में कई जिलों ने बनाई जगह
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में विकास परियोजनाओं और जन शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाती है। अधिकारियों के साथ हर हफ्ते बैठक कर काम की प्रगति पर नजर रखी जाती है। आम लोगों की शिकायतों का निस्तारण होने के बाद उनके फीडबैक के आधार पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट तैयार होती है।
फरवरी की रैंकिंग में जालौन ने 136 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं बरेली, श्रावस्ती और हाथरस ने 135-135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान पाया। बलिया, आजमगढ़ और भदोही 134 अंक के साथ पांचवें पायदान पर रहे। इसके अलावा अंबेडकरनगर, प्रयागराज, कन्नौज, पीलीभीत और हमीरपुर भी टॉप टेन जिलों में शामिल हैं।






