न्यूज डेस्क, 7 मार्च 2026:
ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब भारत के आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम करीब 60 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें लागू भी हो गई हैं।
नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिलेंडर की कीमत बढ़कर 951 रुपये पहुंच गई है। कीमतों में इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

इससे पहले एक मार्च को कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम) की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में यह सिलेंडर 28 रुपये महंगा हुआ था जबकि अन्य महानगरों में इसकी कीमत 31 रुपये तक बढ़ी थी। इसके बाद दिल्ली में वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत 1768.50 रुपये हो गई। फरवरी की शुरुआत में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इस तरह एक महीने में वाणिज्यिक सिलेंडर करीब 81 रुपये महंगा हो चुका है।
उधर, संभावित आपूर्ति बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने आपातकालीन कदम भी उठाए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जारी आदेश में सभी सार्वजनिक और निजी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि उत्पादन प्रक्रिया से निकलने वाली प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का अधिकतम उपयोग एलपीजी बनाने में किया जाए जिससे देश में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।






