लखनऊ/नई दिल्ली, 7 दिसंबर 2025:
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट रविवार को छठे दिन भी थमता नहीं दिखा। लगातार बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने से देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर अफरातफरी जैसा माहौल बना हुआ है। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चंडीगढ़ सहित कई बड़े शहरों में यात्रा कर रहे हजारों यात्री फंसे हुए हैं। एयरपोर्ट काउंटरों पर लंबी कतारें नजर आ रही हैं। यात्रियों का आरोप है कि उड़ान रद्द होने की जानकारी समय से नहीं दी जा रही, जिसके कारण उन्हें भारी असुविधा और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ रहा है।
इंडिगो पर बढ़ते दबाव के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त रुख अपनाया है। नियामक ने एयरलाइन के सीईओ और शीर्ष अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कंपनी को आज रात 8 बजे तक सभी यात्रियों का रिफंड प्रोसेस पूरा करने और अगले 48 घंटे में देरी या रद्द उड़ानों के यात्रियों का बैगेज ट्रेस कर डिलीवर करने का आदेश दिया गया है।
सरकार ने भी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया है। इंडिगो संकट के बाद अन्य एयरलाइंस द्वारा अचानक हवाई किरायों में भारी बढ़ोतरी की शिकायतों पर सरकार ने शनिवार को किराया सीमा तय कर दी। नए दिशा निर्देशों के अनुसार अब कोई एयरलाइन 500 किलोमीटर तक की दूरी पर 7,500 रुपए, 500 से 1000 किलोमीटर के बीच 12,000 रुपए से अधिक और लंबी दूरी की उड़ानों पर 18,000 रुपए से अधिक किराया नहीं ले सकेगी। यह सीमा इकॉनमी श्रेणी पर लागू होगी, जबकि बिजनेस क्लास इससे मुक्त रहेगी।
इंडिगो ने दावा किया है कि उसने परिचालन को लगभग सामान्य कर दिया और 95% रूट्स पर उड़ानें बहाल कर दी हैं। कंपनी के अनुसार वह 138 में से 135 डेस्टिनेशंस पर फ्लाइट ऑपरेट कर रही है। 2,300 दैनिक उड़ानों में से लगभग 1,650 को संचालित कर पा रही है। हालांकि कंपनी ने स्वीकार किया कि इस संकट से यात्रियों का भरोसा दोबारा जीतने में समय लगेगा।
इसके बावजूद रविवार को ही इंडिगो की 650 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं। लखनऊ में भी दोपहर बाद तक एयरलाइन की आधा दर्जन से ज्यादा उड़ानें कैंसिल रहीं, जिसके चलते यात्रियों की भीड़ एयरपोर्ट के काउंटरों पर दिखी। कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें उड़ान की स्थिति के बारे में समय पर मैसेज या ईमेल नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
पिछले पांच दिनों में कंपनी शुक्रवार को करीब 1,600 और शनिवार को लगभग 800 उड़ानें रद्द कर चुकी है। संकट की तीव्रता को देखते हुए DGCA ने संकेत दिया है कि यदि इंडिगो ने 24 घंटे की समय सीमा के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया तो उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।






