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ऊर्जा के सहारे औद्योगिक उड़ान : सरकार ने UP में बिजली व्यवस्था को बनाया निवेश व रोजगार का आधार

उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलने से उत्पादन, निवेश और रोजगार सृजन को मिलेगी गति, उर्जा सुधारों से नए निवेश को आकर्षित करने की रणनीति पर फोकस

लखनऊ, 29 जनवरी 2026:

यूपी को औद्योगिक और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। भरोसेमंद, सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति को औद्योगिक विकास की रीढ़ मानते हुए प्रदेश में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था में व्यापक सुधार किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध हो, ताकि उत्पादन, निवेश और रोजगार सृजन को गति मिल सके।

कुछ वर्षों में प्रदेश की बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2017 से नवंबर 2025 के बीच प्रदेश भर में 15,87,369 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 33/11 केवी क्षमता के 765 नए विद्युत उपकेंद्र बनाए गए, जबकि 2,455 पुराने उपकेंद्रों की क्षमता में वृद्धि की गई है। ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और सब स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण से बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और विश्वसनीय हुई है।

विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों, एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर और उभरते औद्योगिक क्लस्टरों के आसपास बिजली अवसंरचना को मजबूत किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उद्योगों को किसी भी स्थिति में बिजली की कमी का सामना न करना पड़े और उत्पादन प्रभावित न हो। सरकार का मानना है कि कम लागत वाली बिजली प्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने का अहम साधन है।

सस्ती और स्थिर बिजली मिलने से उद्योगों की उत्पादन लागत घटेगी, जिससे वे घरेलू ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजार में भी बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। इसी सोच के तहत औद्योगिक नीतियों में ऊर्जा लागत को नियंत्रण में रखने पर विशेष जोर दिया गया है। निवेशकों को स्थिर दरों पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने का भरोसा भी सरकार द्वारा दिया जा रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र में किए गए इन सुधारों का सकारात्मक असर निवेश माहौल पर साफ दिखाई दे रहा है। मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में नए निवेश प्रस्ताव सामने आ रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों का कहना है कि निर्बाध बिजली आपूर्ति से उत्पादन की निरंतरता बनी रहती है, जिससे परियोजनाओं की समयसीमा और लागत दोनों नियंत्रित रहती हैं।

योगी सरकार के औद्योगिक विस्तार से जुड़े कदमों से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सस्ती और निर्बाध बिजली से नई फैक्ट्रियों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। ऊर्जा को मजबूत आधार बनाकर उत्तर प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर अग्रसर है।

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