न्यूज डेस्क, 28 मार्च 2026:
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब एक नए और बेहद खतरनाक चरण में पहुंच गया है। इजराइल अब तक ईरान, हमास और हिजबुल्ला के साथ संघर्ष कर रहा था। अब यमन से भी सीधे हमलों का सामना हुआ है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा पहली बार इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के बाद इस जंग के और व्यापक होने के संकेत मिल रहे हैं।
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने करीब 2000 किलोमीटर दूर स्थित इजराइल के दक्षिणी शहर बेर्शेबा और आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए मिसाइल दागी। हालांकि, इजराइली सेना ने समय रहते अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है लेकिन इसे मौजूदा युद्ध में एक बड़ा एस्केलेशन माना जा रहा है।
हूती गुट के प्रवक्ता याह्या सरी ने टेलीग्राम पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई देश अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई करता है तो वे सीधे सैन्य हस्तक्षेप करेंगे। उन्होंने लाल सागर के उपयोग को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी है। हूती विद्रोहियों की एंट्री ने इस युद्ध को बहु-क्षेत्रीय संघर्ष में बदल दिया है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता और गहराने की आशंका बढ़ गई है।

इस बीच खाड़ी देशों में भी हमलों और उनके जवाबी एक्शन का सिलसिला जारी है। संयुक्त अरब अमीरात में एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किए जाने के बाद उसका मलबा अबू धाबी के खलीफा इकोनॉमिक जोन के पास गिरा। इससे दो स्थानों पर आग लग गई और पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए। सऊदी अरब ने रियाद की ओर दागी गई मिसाइल को नष्ट करने का दावा किया है जबकि बहरीन और कुवैत में भी ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम किया गया।
उधर, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि ईरान के खार्ग द्वीप पर अमेरिका सैन्य दबाव बढ़ा सकता है। यह ईरान के लगभग 90% तेल निर्यात का केंद्र है। विशेषज्ञों के अनुसार खार्ग द्वीप के अलावा अबू मूसा, ग्रेटर तुंब और लेसर तुंब जैसे द्वीप भी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये सभी होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित हैं। हार्मुज से गुजरने वाले बड़े तेल टैंकर ईरान की सैन्य रणनीति के तहत आसानी से निशाना बनाए जा सकते हैं।
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