विजय पटेल
रायबरेली, 25 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के यहां आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जताई है और इसे संवेदनहीन कदम बताया है।
सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
छापेमारी की खबर सामने आते ही दिनेश प्रताप सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट लिखकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उमाशंकर सिंह उनके समधी हैं और उनकी बेटी की शादी विधायक के परिवार में हुई है। पोस्ट में उन्होंने कहा कि विधायक लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और पिछले दो साल से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे हालात में आयकर की कार्रवाई करना बेहद दुखद और असंवेदनशील है।

बीमारी और इलाज का दिया हवाला
राज्य मंत्री के मुताबिक, मौजूदा समय में विधायक का ज्यादातर समय इलाज में गुजर रहा है और उनके कई व्यवसाय भी लगभग बंद हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि विधायक अपने आवास पर आइसोलेशन में हैं और विधानसभा सत्र जैसे अहम मौके पर भी शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी कहा कि छापेमारी के दौरान घर में डॉक्टर और नर्स के आने-जाने पर भी रोक लगने की बात सामने आई है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।
कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
दिनेश प्रताप सिंह ने अपने बयान में कहा कि गंभीर परिस्थितियों में अदालतें भी मानवीय आधार पर राहत देती हैं, लेकिन ऐसे समय में की गई कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से जोड़ते हुए कहा कि कठिन दौर में किसी को परेशान करना ठीक नहीं है और ईश्वर ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दे।






