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जेल में उम्रकैद भुगत रहे वृद्ध ने दम तोड़ा…टॉयलेट में मिला था बेहोश, परिजनों को अनहोनी का शक, लगाए गंभीर आरोप

जेल प्रशासन का दावा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, आरोपों को निराधार बताया, भाई ने कहा दस दिन पहले मुलाकात में स्वस्थ थे बड़े भाई, सीएम से की आर्थिक मदद की मांग

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 24 जनवरी 2026:

लखनऊ के गोसाईगंज स्थित जिला कारागार में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी की शुक्रवार को मौत हो गई। कैदी शौचालय में बेहोश होकर गिर पड़ा था। जेल प्रशासन ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर असलियत छिपाने का आरोप लगाते हुए सीएम से मदद की मांग की है। वहीं जेल प्रशासन ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

मृतक की पहचान इटौंजा क्षेत्र के इंदारा गांव निवासी रामकिशोर सिंह (59) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें रामकिशोर का शव मिला। इसके बाद परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए अनहोनी की आशंका जताई है।

जेल प्रशासन के मुताबिक, रामकिशोर सिंह शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे शौचालय गया था। करीब 15 मिनट तक बाहर न आने पर जेलकर्मियों ने जाकर देखा तो वह फर्श पर बेहोशी की हालत में पड़ा था। इसके बाद उसे जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर फार्मासिस्ट शिव अचल सिंह की निगरानी में जेल एम्बुलेंस से बलरामपुर अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि रामकिशोर अक्टूबर 2024 से जिला जेल में बंद था। वह वर्ष 2016 में गांव के ही सुशील की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था। अदालत से उम्रकैद की सजा और जुर्माना होने के बाद उसे 1 अक्टूबर 2024 को जिला कारागार भेजा गया था।

परिजनों का आरोप है कि रामकिशोर की मौत सामान्य नहीं है। मृतक के छोटे भाई शीतला बक्स सिंह ने बताया कि उसके भाई के माथे पर चोट के निशान थे और खून भी बह रहा था। उनका कहना है कि जेल के अंदर कोई घटना हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके साथ बंद खजुरी निवासी एक अन्य बंदी की भी 15 दिन पहले मौत हो चुकी है। जेल प्रशासन असलियत छिपा रहा है। उन्होंने सीएम से मांग की कि परिवार के भरण पोषण के लिए आर्थिक मदद दी जाए।

वहीं जेल प्रशासन ने आरोपों को गलत बताया है। जेलर के अनुसार डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई है। बेहोश होकर गिरने की वजह से माथे पर मामूली चोट आई होगी। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल परिजनों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। मृतक के परिवार में पत्नी मंजू, दो बेटियां और एक बेटा है।

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