गोरखपुर, 16 जनवरी 2026:
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के कई जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने हर फरियादी की बात ध्यान से सुनी और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण सरकार की पहली जिम्मेदारी है।
गोरखनाथ मंदिर स्थित दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में सुबह से ही फरियादी पहुंचने लगे थे। सभी को कुर्सियों पर बैठाया गया था। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री सभागार में पहुंचे और बारी-बारी से हर व्यक्ति के पास जाकर उसकी समस्या जानी। उन्होंने आवेदन पत्र पढ़े और फिर पास खड़े अधिकारियों को सौंपते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनता दर्शन में करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनी गईं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसी भी फरियादी को बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। हर शिकायत का प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए।
कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने बेटी की शादी के लिए मदद मांगी। मुख्यमंत्री ने कमिश्नर को आवेदन सौंपते हुए निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटी की शादी कराई जाए। कई लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज का खर्च सरकार उठाएगी और इस्टीमेट बनवाकर सहायता दिलाई जाए।

जमीन से जुड़े मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पट्टों में पैसे लेने की शिकायतों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। एक महिला ने बैनामा से ज्यादा जमीन पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए। एक अन्य महिला ने उत्पीड़न का मामला रखा, जिस पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनता दर्शन में कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ आई थीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से प्यार से बात की और उन्हें चॉकलेट दी। मुख्यमंत्री के हाथ से चॉकलेट पाकर बच्चे खुश नजर आए। इस दौरान कार्यक्रम में महिलाओं की संख्या अधिक रही।






