लखनऊ, 3 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ की प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) परिसर में स्थित मजार को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को केजीएमयू पहुंचकर मजार पर चादर चढ़ाई और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह मजार केजीएमयू की स्थापना से भी पहले की है लेकिन प्रदेश सरकार विकास के नाम पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को खत्म करने में लगी हुई है।
मीडिया से बातचीत करते हुए अजय राय ने कहा कि सरकार को विकास का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। इसलिए वह हर जगह सिर्फ तोड़फोड़ की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजार को हटाने के लिए नोटिस जारी करना भाजपा की सोच को दर्शाता है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कहा कि पार्टी ऐसे किसी भी प्रयास का विरोध करेगी और लखनऊ के इतिहास को मिटने नहीं देगी।
अजय राय ने लखनऊ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि यह शहर नवाबों की देन है। नवाबी दौर में ही यहां की तहजीब, इमारतें और संस्थान विकसित हुए। संभव है कि उसी दौर की विरासत और कृपा से केजीएमयू को जमीन मिली हो और यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई हो। ऐसे में इतिहास से जुड़ी इस मजार को हटाने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है।
गौरतलब है कि हाल ही में केजीएमयू प्रशासन ने परिसर में स्थित कुछ मजारों को हटाने के निर्देश जारी किए थे। इसके तहत मजारों पर नोटिस भी चस्पा किए गए जिसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। कांग्रेस ने इसे धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत पर हमला बताते हुए सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की है।






