लखनऊ, 24 फरवरी 2026:
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में स्थित लाल बारादरी को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन परिसर में माहौल गर्म रहा। एक ओर मुस्लिम छात्रों द्वारा नमाज पढ़ने को लेकर विरोध जारी है। दूसरी ओर आज दूसरे गुट के छात्र हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे। इसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर बस में बैठा लिया।
छात्रों का आरोप है कि जब पहले यहां नमाज और इफ्तार हुआ तब किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। हनुमान चालीसा पढ़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाई। हनुमान चालीसा पाठ से पहले छात्रों ने पोस्टर जारी कर कैंपस के शुद्धीकरण जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह के धार्मिक प्रदर्शन से तनाव बढ़ सकता है, इसलिए एहतियातन कदम उठाए गए।

विवाद की जड़ लाल बारादरी की ऐतिहासिक पहचान और उसके मौजूदा उपयोग को लेकर है। कुछ छात्रों का दावा है कि भवन के भीतर मस्जिद है। दूसरे पक्ष का कहना है कि वहां एक छोटा मंदिर भी मौजूद है। इमारत काफी जर्जर बताई जा रही है और विश्वविद्यालय प्रशासन उसका नवीनीकरण करा रहा है। रविवार को जैसे ही खुदाई शुरू हुई, एनएसयूआई सहित कई संगठनों के छात्र मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का विरोध किया।
उनका कहना है कि लाल बारादरी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्थल है, इसलिए बिना अनुमति निर्माण नहीं हो सकता। रविवार को जहां मुस्लिम छात्रों ने नमाज पढ़कर निर्माण रुकवाने की मांग की वहीं सोमवार को उसी स्थान पर हिंदू छात्रों ने ‘जय भवानी’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए।

मंगलवार को हनुमान चालीसा पाठ की कोशिश के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। फिलहाल पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि ऐतिहासिक संरचना की स्थिति और कानूनी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।






