लखनऊ, 26 फरवरी 2026:
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऐतिहासिक लाल बारादरी को बंद किए जाने के विरोध में गुरुवार को छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बारादरी को बचाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों से जुड़े छात्रों ने परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे। छात्रों के समर्थन में मुस्लिम समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सुबह से ही सभी प्रदर्शनकारी परिवर्तन चौक पर जुट गए थे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिस पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाल बारादरी पर ताला जड़ दिया है। इसे खोलने को लेकर किसी भी तरह की पहल नहीं की जा रही।

मार्च की अगुवाई कर रहे छात्रों ने बताया कि लाल बारादरी को लेकर वे लगातार दो दिनों तक विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठे थे। उस दौरान विश्वविद्यालय प्रॉक्टर ने बातचीत कर दो दिन का समय मांगा था लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद न तो ताला खोला गया और न ही प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक नोटिस जारी किया गया। इसके उलट 25 फरवरी को प्रशासन ने परिसर में किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन और अन्य गतिविधियों पर रोक लगाने का नोटिस जारी कर दिया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय को संघ के प्रभाव में चलाया जा रहा है और छात्र हितों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि वे कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन स्वास्थ्य भवन चौराहे पर भारी पुलिस बल के चलते उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। अंततः छात्रों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर लाल बारादरी को तत्काल खोले जाने और विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता की मांग की।






