लखनऊ, 2 मार्च 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से जुड़े सैकड़ों खाताधारकों के करोड़ों रुपये पार करने वाले बैंक मित्र शिवा राव की मां निर्मला, पत्नी भाग्यवती और नरौना निवासी नौकर विकास कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इन तीनों के खातों में करीब 12 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ।
ठगी की रकम से शिवा राव ने आलीशान घर बनवाया। नौकर के लिए कार खरीदी और करीब डेढ़ करोड़ रुपये सीधे विकास के खाते में ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से ढाई लाख रुपये के जेवरात, चांदी के सिक्के, एक कार, तीन मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर और 47 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसी प्रिंटर से फर्जी एफडी छापकर ग्राहकों को दी जाती थीं।

पुलिस के मुताबिक शिवा राव 2015 से शाखा में सक्रिय था। वह किसी भी कम्प्यूटर पर बैठकर ग्राहकों से संपर्क साध लेता और आरटीजीएस सहित डिजिटल ट्रांजेक्शन को भी अपने जाल में फंसा देता। फरवरी के पहले सप्ताह में शिवा की गिरफ्तारी के अगले ही दिन साजिश में शामिल पूर्व सिक्योरिटी गार्ड दीपक को भी दबोचा गया था।
बैंक मित्र के रूप में काम करने वाला शिवा राव ग्राहकों को बैंक जाने के बजाय अपने पास पैसे जमा कराने के लिए बहलाता था। वह आकर्षक बचत योजनाओं और फर्जी एफडी रसीदों के जरिए भरोसा जीतता, लेकिन मैच्योरिटी पर न तो एफडी मिली और न ही खातों में रकम पहुंची। पीड़ितों में कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने बेटियों की शादी के लिए पैसे जोड़े थे और ऐन वक्त पर रकम गायब मिलने से शादी टालनी पड़ी।
पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी ठगी अकेले संभव नहीं। कुछ बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। अन्य खाताधारकों और संदिग्ध ट्रांजेक्शन की परतें भी खंगाली जा रही हैं। पीड़ितों को न्याय दिलाने और पूरी मनी ट्रेल उजागर करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।






