लखनऊ, 16 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था की अनदेखी सामने आई है। आज सुबह प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना और मेयर सुषमा खर्कवाल शहर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने निकले। जोन-1 के निरीक्षण में विक्रमादित्य वार्ड, लाल कुआं वार्ड, जेसी बोस वार्ड, यदुनाथ सानयाल वार्ड और बाबू बनारसी दास वार्ड की सड़कों पर गंदगी और अतिक्रमण साफ नजर आया।
गंदगी देख नाराज हुए मंत्री और मेयर
सड़कों पर फैली गंदगी को देखकर प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने नाराजगी जताई और कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है और यहां तत्काल सफाई की जरूरत है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि ऐसा लग रहा है मानो यहां एक महीने से झाड़ू तक नहीं लगी हो। इस पर मंत्री ने जोनल अधिकारी से लेकर सुपरवाइजर तक का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए और साफ कहा कि अब इन इलाकों पर विशेष नजर रखी जाए। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे।

लोगों ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
निरीक्षण के दौरान मेयर ने स्थानीय लोगों से सफाई व्यवस्था को लेकर बातचीत की। लोगों ने एक के बाद एक शिकायतें रखीं। उनका कहना था कि रोज झाड़ू तो लगती है, लेकिन गंदगी साफ नहीं होती। मोहल्लों में जगह-जगह कूड़ा और गंदगी जमा है और शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। जब मेयर ने पूछा कि सफाई कर्मचारी आते हैं या नहीं, तो लोगों ने सड़क पर पड़ा गोबर दिखाकर हालात बयां कर दिए।
अतिक्रमण और जल निकासी पर भी सवाल
प्रभारी मंत्री ने बताया कि पीडब्ल्यूडी कार्यशाला की रोड पर कई जगह अतिक्रमण है। कुछ स्थानों पर नाली के अंदर से पेयजल की लाइन डाली गई है, जिसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए। जलकल विभाग के पास कूड़े के ढेर लगे मिले और ट्रांसफार्मर के आसपास भी गंदगी पाई गई। मंत्री ने कहा कि 30 जनवरी के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना जरूरी है।

मलबा हटाने और जुर्माने के आदेश
निरीक्षण के दौरान वर्षों से खाली पड़े एक प्लॉट में जमा मलबा भी पाया गया। अधिकारियों को तत्काल मलबा हटाने के निर्देश दिए गए और संबंधित प्लॉट मालिक पर जुर्माना लगाने के सख्त आदेश जारी किए गए। इस मौके पर नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त समेत नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






