Lucknow City

पतंग की डोर नहीं, मौत का हथियार… लखनऊ में चाइनीज मांझे ने ली बाइक सवार युवक की जान

हैदरगंज ओवरब्रिज पर हुआ हादसा, फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था युवक, लोगों ने तुरंत ई-रिक्शा की मदद से घायल शोएब को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया लेकिन बचाई नहीं जा सकी जान, पत्नी ने दर्ज कराया केस

लखनऊ, 5 फरवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। शहर के बाजारखाला क्षेत्र में हैदरगंज ओवरब्रिज पर एक दर्दनाक हादसे में बाइक सवार युवक की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण मौत हो गई। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीना बल्कि शहर में चाइनीज मांझे के खुलेआम इस्तेमाल पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान दुबग्गा के सीते बिहार निवासी सैयद शोएब (34) के रूप में हुई है। वह एक फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के पद पर कार्यरत थे। बुधवार को शोएब बाइक से मिल एरिया चौकी की ओर से हैदरगंज की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वह हैदरगंज ओवरब्रिज पर पहुंचे अचानक पतंग का चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। मांझा इतना तेज और सख्त था कि उसने पल भर में उनकी गर्दन की नस काट दी।

शोएब ने एक हाथ से मांझा निकालने की कोशिश की, लेकिन वह और ज्यादा उलझता चला गया। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई और शोएब सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए। मांझे में पूरी तरह उलझी गर्दन से खून की धार निकलने लगी। दर्द से तड़पते हुए शोएब सड़क पर लहूलुहान हो गए।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने मानवता की मिसाल पेश की। लोगों ने तुरंत ई-रिक्शा की मदद से घायल शोएब को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। कुछ बाइक सवार आगे-आगे चलकर ट्रैफिक हटाते रहे ताकि समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। पुलिस ने भी हैदरगंज चौराहे पर रास्ता खाली कराया। इसके बावजूद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान शोएब की मौत हो गई। ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के मुताबिक युवक का बहुत अधिक खून बह चुका था जिससे उसे बचाया नहीं जा सका।

बाजारखाला पुलिस के अनुसार घटनास्थल से हेलमेट और बाइक को कब्जे में ले लिया गया है। मृतक की पत्नी फौजिया की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोप है कि ओवरब्रिज के पास कोई व्यक्ति पतंग उड़ा रहा था जिसके मांझे ने यह हादसा कराया।

शोएब अपने परिवार में मां आब्दा बानो, पत्नी और दो बेटियों बुशरा व इकरा का सहारा थे। उनकी अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि चाइनीज मांझा सिर्फ पतंग का धागा नहीं बल्कि एक खामोश हत्यारा बन चुका है।

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