लखनऊ, 7 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में स्कूली छात्रों और नाइट क्लबों में आने वाले युवाओं को नशे की गिरफ्त में लेने वाले अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी एसटीएफ ने पांच और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से कोकीन, हेरोइन, गांजा, अफीम समेत करीब एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
यूपी एसटीएफ ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से पांच तस्करों को दबोचा। ये दिल्ली से कोकीन, गांजा और अफीम लाकर लखनऊ के स्कूलों, कॉलेजों और नामी क्लब व बारों में सप्लाई करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में साउथ दिल्ली के महरौली निवासी राजकुमार उर्फ चीका और राजकुमार, लखनऊ के हुसैनगंज निवासी सैय्यद दावर अलवी, गोरखपुर का यश श्रीवास्तव और नाका का प्रभजीत सिंह शामिल हैं। इनके पास से 17 ग्राम कोकीन, दो किलो गांजा, डेढ़ किलो अफीम, 200 ग्राम ऑर्गेनिक गांजा, आठ हजार रुपये नकद और पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक सिंह के मुताबिक आरोपी तीन वर्षों से इस धंधे में सक्रिय थे। इनके मोबाइल फोन से कस्टमर लिस्ट भी मिली है। पूछताछ में सामने आया कि कोकीन खास तौर पर प्रतिष्ठित कॉन्वेंट स्कूलों के छात्रों को आधा-आधा ग्राम की पुड़िया में बेची जाती थी। इसकी कीमत आठ से दस हजार रुपये प्रति ग्राम तक होती थी।
तस्करों ने खुलासा किया कि गैंग के सदस्य तय ड्रेस कोड के साथ चिन्हित स्थानों पर मिलते थे। नाइट क्लब, पब और बार में बाउंसर, वेटर और स्टाफ के जरिये ड्रग्स सप्लाई की जाती थी क्योंकि इनकी तलाशी नहीं होती और मादक पदार्थ आसानी से अंदर पहुंच जाते थे।
उधर, एएनटीएफ ने गोमतीनगर विस्तार से बाराबंकी निवासी मो. खालिद को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 430 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 86 लाख रुपये बताई जा रही है।
एएनटीएफ वाराणसी यूनिट के दरोगा आदित्य नारायण सिंह के अनुसार खालिद बाराबंकी से सस्ते दामों पर हेरोइन खरीदकर लखनऊ में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से राजधानी में सक्रिय नशे के बड़े नेटवर्क को करारा झटका लगा है। आगे भी ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






