लखनऊ, 7 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एरा अस्पताल में सर्जरी के दौरान महिला के पेट में औजार छोड़ दिया गया, लेकिन अस्पताल ने ढाई साल तक इसका खुलासा नहीं किया और इलाज के बहाने लाखों रुपए वसूलते रहे। अब कोर्ट के आदेश पर 15 डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
एल्डिको सिटी ब्रिज, आईआईएम क्रॉसिंग की निवासी रूप सिंह पत्नी होशियार सिंह के मुताबिक जनवरी 2023 में पेट में तेज दर्द होने पर उन्होंने एरा अस्पताल का रुख किया। जांच के बाद 27 फरवरी 2023 को कई डॉक्टरों की टीम ने उन्हें सर्जरी की। टांके ठीक होने के बाद 17 मार्च को दोबारा ऑपरेशन किया गया और 23 मार्च को डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद भी पेट में दर्द बना रहा, लेकिन डॉक्टरों ने असली कारण की जगह केवल पेन किलर देते रहे और इलाज के नाम पर करीब 5 लाख रुपए वसूल लिए।
2 अगस्त 2025 को पीड़िता ने एरा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया, जिसमें पेट में समस्या दिखाई दी। डॉक्टरों ने एपेंडिसाइटिस बताकर तुरंत ऑपरेशन का दबाव डाला। संदेह होने पर 8-9 अगस्त 2025 को चरक अस्पताल में सीटी स्कैन कराया। जांच में पता चला कि पेट में पहले हुए ऑपरेशन का सर्जिकल औजार छूटा हुआ था। पहले हुए अल्ट्रासाउंड में भी औजार दिखा था, लेकिन एरा अस्पताल के डॉक्टरों ने गलत रिपोर्ट बनाई।
20 अगस्त 2025 को चरक अस्पताल में ऑपरेशन कर औजार निकाला गया। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें ICU में भर्ती करना पड़ा। डिस्चार्ज समरी में यह साफ लिखा गया कि पेट में औजार था और गंभीर लापरवाही हुई थी।
पीड़िता ने 27-28 अगस्त 2025 को पुलिस और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अस्पताल के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर एरा अस्पताल के 15 डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज के मुताबिक, सभी आरोपी डॉक्टरों के बयान लिए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है।






