लखनऊ, 7 मार्च 2026:
समाज में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने शनिवार को एक खास पहल की। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने लखनऊ में विशेष ‘शक्ति मेट्रो’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही लखनऊ मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर एक सप्ताह तक चलने वाली ‘एक्जीबिशन ऑन व्हील्स’ की भी शुरुआत हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मेट्रो स्टेशन से हुई। प्रबंध निदेशक ने औपचारिक रूप से शक्ति मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने यूपीएमआरसी के अधिकारियों के साथ विशेष रूप से डिजाइन की गई मेट्रो ट्रेन में सवार होकर ‘एक्जीबिशन ऑन व्हील्स’ का अवलोकन किया।
इस अनूठी प्रदर्शनी में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों और उनकी सफलताओं को प्रदर्शित किया गया है। मेट्रो में सफर करने वाले यात्री अपने रोजमर्रा के आवागमन के दौरान इस प्रदर्शनी को देख सकेंगे। यह पहल महिलाओं की उपलब्धियों को सामने लाने और समाज को प्रेरित करने का प्रयास है।

इस अवसर पर सुशील कुमार ने हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर स्थापित ‘वॉल ऑफ ग्रैटिट्यूड’ का भी अनावरण किया। यह एक विशेष दीवार है, जहां लोग उन महिलाओं के लिए संदेश लिख सकते हैं जिन्होंने उनके जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। कई यात्रियों ने इसमें उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी मां, पत्नी, बहन, शिक्षक, सहकर्मी और मित्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संदेश लिखे।
कार्यक्रम के तहत सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर महिला हाउसकीपिंग और सुरक्षा स्टाफ के लिए म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता के विजेताओं को हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर प्रबंध निदेशक द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा ‘शो योर टैलेंट’ पहल के तहत हजरतगंज स्टेशन पर एक संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिला यात्रियों ने मंच पर अपने पसंदीदा गीत गाकर माहौल को उत्साह से भर दिया।
इस अवसर पर सुशील कुमार ने बताया कि लखनऊ मेट्रो में हर तीन में से एक ट्रेन महिला ट्रेन ऑपरेटर द्वारा संचालित की जाती है। वहीं मेंटेनेंस, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे कोर तकनीकी विभागों में भी हर चार कर्मचारियों में से एक महिला है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में लगभग 20 प्रतिशत अधिकारी महिलाएं हैं।






