एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 10 मार्च 2026:
मोहनलालगंज क्षेत्र के सिसेंडी कस्बे में चौकी से कुछ दूरी पर बने घर के अंदर सोमवार रात मां और उसके नेत्रहीन बेटे की हत्या कर दी गई। घटना से कुछ देर पहले ही दिव्यांग युवक मोबाइल पर अपने बहनोई से बात कर रहा था। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। दो पतियों व दो संतानों की मौत के बाद अब परिवार में दिव्यांग बेटा ही था। मृतका की बहन ने रेप की आशंका जताई है वहीं कीमती मकान से जुड़ा विवाद भी सामने आया है। फिलहाल पुलिस हत्या की पुख्ता वजह तलाशने में लगी है।
सिसेंडी कस्बा निवासी रेशमा बानो (45) अपने 18 वर्षीय दिव्यांग बेटे शादाब के साथ घर में रहती थीं। सोमवार शाम शादाब की अपने बहनोई से फोन पर बात हो रही थी। बातचीत के दौरान उसने बताया कि उसकी अम्मी मसाला लेने बाहर गई हैं। बीच उसने घबराते हुए कहा कि किसी ने दरवाजे पर जोर से लात मारी है। इसके बाद फोन अचानक कट गया और कुछ देर बाद स्विच ऑफ बताने लगा।

इससे बहनोई को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति को फोन कर घर जाकर देखने को कहा। पड़ोसी जब घर पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर वे हैरान रह गए। घर के अलग-अलग हिस्सों में मां और बेटे के शव पड़े थे। महिला का शव चारपाई के नीचे अर्धनग्न अवस्था में मिला, जबकि शादाब का शव पानी से भरे टब में पाया गया। इसके बाद परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।
मृतका के रिश्तेदारों के अनुसार रेशमा के पति इकबाल की कोरोना काल में मौत हो गई थी। इसके बाद से मां और बेटा ही घर में रह रहे थे। सूचना मिलने पर एसीपी मोहनलालगंज समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और कई पहलुओं पर जांच जारी है। घटना के बाद मौके पर आई बहन अफसाना ने बहन के साथ रेप की आशंका जताई हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया है।
रेशमा ने इकबाल से की थी दूसरी शादी
बताया जाता है कि पहले पति जावेद की मौत के बाद रेशमा अपने दिव्यांग बेटे के साथ सिसेंडी आई थीं और यहां के निवासी इकबाल से दूसरी शादी की थी। इस शादी से नाराज होकर इकबाल के पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद इकबाल ने ग्राम पंचायत की जमीन पर सड़क किनारे मकान बनाकर पत्नी रेशमा और उसके बेटे के साथ रहना शुरू किया था। जीविका के लिये उसने एक परचून की दुकान खोल रखी थी। कोरोना काल में इकबाल की भी मौत हो गई थी।

मकान को लेकर विवाद की भी चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार रेशमा के एक बेटा सोहेल व एक बेटी शबनम की पहले ही मौत हो चुकी थी और अब केवल शादाब ही उनके साथ रह रहा था। हाईवे किनारे बना उनका मकान काफी कीमती बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि मकान को लेकर कुछ समय पहले एक मेडिकल स्टोर संचालक से विवाद भी हुआ था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।






