लखनऊ, 25 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के कानपुर रोड पर स्थित बारा बिरवा का प्रसिद्ध संत रविदास मंदिर जल्द ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भव्य, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से लैस नजर आएगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने मंदिर के समग्र पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 80.27 लाख रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 60 लाख रुपये की पहली किस्त जारी होते ही विकास कार्यों को गति दे दी गई है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सकेगा। परियोजना के तहत अत्याधुनिक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इसमें सिविल, प्लंबिंग और फायर सेफ्टी से जुड़े सभी जरूरी प्रावधान होंगे। इसके साथ ही यात्रियों के ठहराव के लिए डॉरमेट्री और सुविधा संपन्न टूरिस्ट रेस्ट रूम बनाए जाएंगे।

श्रद्धालुओं को सहज दर्शन अनुभव देने के लिए परिसर के विभिन्न हिस्सों में दिशा सूचक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे बाहर से आने वाले भक्तों को मार्ग खोजने में कोई परेशानी नहीं होगी। ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाया जाएगा, जिससे बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। परिसर में बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और स्वच्छता बनाए रखने के लिए डस्टबिन की समुचित व्यवस्था की जाएगी ताकि मंदिर परिसर साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बना रहे।
मंत्री ने बताया कि बारा बिरवा स्थित संत रविदास मंदिर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक चेतना और समरसता का भी प्रतीक है। प्रदेश सरकार संत परंपरा से जुड़े पवित्र स्थलों के संरक्षण और उनके पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
संत शिरोमणि गुरु रविदास की स्मृतियों से जुड़ा यह मंदिर वर्ष भर श्रद्धालुओं से आबाद रहता है। हर साल रविदास जयंती पर यहां भव्य आयोजन होते हैं, जो पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना देते हैं। बढ़ती भीड़ और श्रद्धालुओं की जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना समयबद्ध और सुनियोजित ढंग से पूरी की जाएगी। इससे लखनऊ के धार्मिक पर्यटन को नई ऊर्जा और पहचान मिलेगी।






