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लखनऊ बनेगा वंदे भारत स्लीपर का बड़ा हब : पटना-मुंबई समेत पांच रूट पर दौड़ेंगी हाईस्पीड ट्रेनें

पटना, जयपुर, मुंबई, जम्मू और दिल्ली रूट को लखनऊ से जोड़ते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की तैयारी, 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, 16 कोच वाली ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे

लखनऊ, 6 जनवरी 2026:

उत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने वाली है। हाईस्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें जल्द ही लखनऊ के रास्ते पांच प्रमुख रूटों पर चलाई जाएंगी। रेलवे ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले चरण में मुंबई और पटना रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। उम्मीद है कि अगले तीन महीनों के भीतर ये ट्रेनें पटरियों पर दौड़ने लगेंगी।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक पटना, जयपुर, मुंबई, जम्मू और दिल्ली रूट को लखनऊ से जोड़ते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके लिए उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारी संयुक्त रूप से प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उन्हें जल्द ही रेलवे बोर्ड और संबंधित जोनल मुख्यालयों को भेजा जाएगा।

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हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की घोषणा की थी। ये गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलाई जाएगी। इस ट्रेन का शुभारंभ पीएम मोदी करेंगे। इसी कड़ी में लखनऊ को केंद्र में रखकर स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का विस्तृत खाका तैयार किया जा रहा है।

योजना के अनुसार दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ, लखनऊ से पटना, लखनऊ से मुंबई और जयपुर और अयोध्या से जम्मू तक वाया लखनऊ वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलेंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक विकल्प मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू होंगी। उनमें मुंबई और पटना रूट शामिल हैं। शेष रूटों पर ट्रेनें छह से आठ महीनों के भीतर शुरू किए जाने की संभावना है।

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। सुरक्षा के लिहाज से इनमें कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम और एआई आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। सेंसरयुक्त दरवाजे, उच्च स्वच्छता मानकों के लिए कीटाणुनाशक तकनीक (जो 99.9 प्रतिशत कीटाणुओं को नष्ट करेगी), इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और लोको पायलट के लिए एडवांस ड्राइवर केबिन भी इसमें शामिल होंगे।

16 कोच वाली ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें 11 थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच होगा। थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 यात्रियों की क्षमता होगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के शुरू होने से लखनऊ एक बार फिर देश के प्रमुख रेल हब के रूप में उभरता नजर आएगा।

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