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अहमदाबाद मॉडल से सीखेगा लखनऊ…नगर निगम के दल ने देखा कचरे से बिजली बनाने वाला प्लांट

नॉलेज एक्सचेंज और कैपेसिटी बिल्डिंग के तहत महापौर के नेतृत्व में अहमदाबाद पहुंचा दल, लखनऊ में लागू करने की संभावना पर होगा मंथन

लखनऊ/अहमदाबाद, 9 फरवरी 2026:

लखनऊ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर नगर निगम अब अहमदाबाद के सफल मॉडल से सीख लेने की तैयारी में है। इसी कड़ी में नगर निगम लखनऊ का एक प्रतिनिधिमंडल अहमदाबाद पहुंचा और वहां संचालित कचरे से बिजली उत्पादन करने वाली परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। यह यात्रा नॉलेज एक्सचेंज और कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के तहत की गई, जिसका मकसद आधुनिक तकनीकों को समझना और उन्हें लखनऊ में लागू करने की संभावनाओं का आकलन करना रहा।

1000 टन कचरे से रोजाना बिजली उत्पादन

निरीक्षण के दौरान अहमदाबाद नगर निगम के उस संयंत्र का जायजा लिया गया, जहां प्रतिदिन लगभग 1000 मीट्रिक टन नगर ठोस अपशिष्ट से बिजली तैयार की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में कचरे से बने आरडीएफ का इस्तेमाल होता है। मार्टिन रिवर्स ग्रेट फायरिंग तकनीक से बॉयलर में सुरक्षित दहन किया जाता है, जिससे प्रति घंटे करीब 65 टन भाप तैयार होती है।

इसी भाप से 15 मेगावाट क्षमता की टरबाइन चलाई जाती है और विद्युत ऊर्जा का उत्पादन होता है।
375 करोड़ की लागत, 14 एकड़ में फैला संयंत्र
यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित की गई है। इसकी लागत करीब 375 करोड़ रुपये है और यह संयंत्र लगभग 14 एकड़ क्षेत्र में स्थापित है। अधिकारियों के अनुसार यह मॉडल कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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लखनऊ में वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में कदम

लखनऊ नगर निगम भी इस तरह के टिकाऊ और नवाचार आधारित मॉडल को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है। निरीक्षण के दौरान तकनीक, लागत, संचालन व्यवस्था और पर्यावरणीय लाभों का गहन अध्ययन किया गया। आने वाले समय में लखनऊ में वेस्ट टू वेल्थ पर आधारित सस्टेनेबल सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

कार्बन क्रेडिट से सालाना बढ़ सकती है आमदनी

कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के तहत कार्बन क्रेडिट क्लेम से जुड़ी संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक जरूरी प्रक्रिया पूरी होने पर नगर निगम को हर साल करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निगम की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

महापौर की अगुवाई में पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

अध्ययन दल का नेतृत्व महापौर सुषमा खर्कवाल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में नगर निगम की उपाध्यक्ष चरनजीत गांधी, पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी पम्मी, कई पार्षद और अपर नगर आयुक्त अरविंद कुमार राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

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