Lucknow City

लखनऊ में विकास का ट्रिपल बूस्टर : 1435 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर, हेरिटेज रिवाइवल व दुबग्गा फ्लाईओवर को मंजूरी

यूपी कैबिनेट से बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को किया जाएगा विकसित, इन फैसलों से लखनऊ को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान, सुविधाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद

लखनऊ, 23 मार्च 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हेरिटेज संरक्षण और यातायात सुधार की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट बैठक में शहर के समग्र विकास से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ नागरिक सुविधाओं में भी व्यापक सुधार की उम्मीद है।

कैबिनेट ने वृन्दावन योजना सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी दे दी है। पहले इस परियोजना की लागत 1297.42 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। इसे अब बढ़ाकर 1435.25 करोड़ रुपये कर दिया गया है। निविदा प्रक्रिया के दौरान लागत बढ़ने के चलते यह संशोधन किया गया है। इस लागत में जीएसटी, लेवी, कंटीजेंसी और सुपरविजन चार्ज सहित सभी व्यय शामिल हैं।

ईपीसी मोड पर बनने वाला यह अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर राजधानी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा। यहां 10,000 लोगों की क्षमता वाला विशाल कन्वेंशन हॉल और 2,500 लोगों की क्षमता का आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर पार्किंग सुविधा और उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी जिससे बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके।

यह कन्वेंशन सेंटर भविष्य में डिफेंस एक्सपो जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का प्रमुख स्थल बनेगा। इसके आसपास 5 स्टार और बजट होटल विकसित करने की भी योजना है। इससे देश-विदेश से आने वाले मेहमानों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। साथ ही भारी उपकरणों और बड़े मॉडलों के प्रदर्शन के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।

इसके साथ ही सरकार ने लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को एडाप्टिव रियूज के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित भूमि का स्वामित्व पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा। इन भवनों को हेरिटेज पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित कर राज्य में पर्यटन को नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भूमि हस्तांतरण एक अपवाद के रूप में किया जा रहा है।

यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ-हरदोई मार्ग पर स्थित दुबग्गा चौराहे पर 1,811.72 मीटर लंबा तीन लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस परियोजना की लागत 305.31 करोड़ रुपये तय की गई है। दुबग्गा चौराहा शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक पॉइंट्स में से एक है। फ्लाईओवर बनने से जाम की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि ये सभी परियोजनाएं लखनऊ को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

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