प्रयागराज, 3 जनवरी 2026:
प्रयागराज में माघ मेला 2026 की शुरुआत के साथ ही आज संगम तट श्रद्धा और भक्ति के विराट दृश्य में बदल गया। पौष पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन का विधिवत शुभारंभ हुआ। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। भोर से ही घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और चारों ओर हर हर गंगे के उद्घोष गूंजते रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला के शुभारंभ एवं पावन पौष पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

संगम तट पर संतों और साधकों का महासमागम
माघ मेला क्षेत्र में आज से धर्म और अध्यात्म की विविध धाराएं एक साथ प्रवाहित हो रही हैं। एक ओर दंडी संत, रामानंदी आचार्य और खालसा परंपरा के संत दिखाई दे रहे हैं, तो दूसरी ओर चतुष्पीठ शंकराचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति भी है। संगम की रेत पर बसे शिविरों में कल्पवासी ठंड के बीच जप, तप और साधना में लीन हो गए हैं। मेला प्रशासन के अनुसार इस बार कल्पवासियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और लगभग 4 लाख श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं।
पहली बार बसाया गया कल्पवासियों का अलग नगर
कल्पवासियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार माघ मेला क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। पहली बार कल्पवासियों के लिए लगभग 950 बीघे में एक अलग नगर बसाया गया है, जिसे प्रयागवाल नाम दिया गया है। यह नगर नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार तैयार किया गया है। एडीएम माघ मेला दयानन्द प्रसाद के अनुसार महाकुंभ 2025 की स्मृतियों और बारह वर्ष बाद कल्पवास के संकल्प के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। तीर्थ पुरोहितों और मेला प्रशासन के साथ विचार विमर्श के बाद यह व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही विभिन्न सेक्टरों में भी कल्पवासियों के लिए तंबुओं की व्यवस्था की गई है।

सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
योगी सरकार की ओर से माघ मेला क्षेत्र को दिव्य, भव्य और स्वच्छ स्वरूप देने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कल्पवासियों के शिविरों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग से बचने की अपील की जा रही है। बुजुर्ग कल्पवासियों को ठंड से बचाने के लिए शिविरों के बाहर अलाव की व्यवस्था की गई है। कल्पवासियों को गंगा स्नान के लिए अधिक दूरी न तय करनी पड़े, इसके लिए उन्हें नदी तटों के समीप ही बसाया गया है।

माघ मेला 2026 के प्रमुख स्नान पर्व
माघ मेला 2026 के दौरान कई महत्वपूर्ण स्नान पर्व पड़ेंगे। पौष पूर्णिमा का स्नान आज 3 जनवरी को हुआ। इसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का अंतिम स्नान पर्व होगा। इन सभी तिथियों पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।






