पंकज
काकोरी (लखनऊ), 6 दिसंबर 2025:
राजधानी स्थित दुबग्गा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर ननिहाल में रह रहे दृष्टि बाधित वीरेंद्र यादव उर्फ डोंगा (50) को उसके सगे भाई नरेंद्र यादव और भतीजे जितेंद्र यादव ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। घटना की वजह सम्पत्ति विवाद बताया गया है।
तालकटोरा के मेहंदीखेड़ा निवासी वीरेंद्र जन्म से दृष्टिबाधित थे और पिछले छह माह से बुजुर्ग मां अशोका देवी के साथ दुबग्गा के टांडखेड़ा स्थित ननिहाल में रह रहे थे। परिजनों के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद वह गांव में मामा के घर के बाहर सड़क किनारे बनी हौदिया पर बैठे थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे भाई नरेंद्र और उसके बेटे जितेंद्र ने पास जाकर वीरेंद्र के सीने पर गोली मार दी, जिससे वह हौदिया में ही गिर पड़े। गोली चलाने के बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए।
परिजनों ने बताया कि मेहंदीखेड़ा स्थित पैतृक मकान और जमीन और पेंशन को लेकर वीरेंद्र और उसके भाई नरेंद्र के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि नरेंद्र और उसका बेटा वीरेंद्र की संपत्ति व मां अशोका को मिल रही रेलवे विभाग की पेंशन पर कब्जा करने की नीयत से उन्हें लगातार प्रताड़ित करते थे।
मृतक के पिता बेचा लाल की करीब 25 वर्ष पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद से परिवार में संपत्ति को लेकर तनाव बढ़ गया था। प्रताड़ना से तंग आकर ही वीरेंद्र कुछ माह पहले मां के साथ ननिहाल आकर रहने लगा था। तीन माह पूर्व भी नरेंद्र और उसका बेटा टांडखेड़ा पहुंचकर उससे मारपीट कर चुके थे। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि संपत्ति विवाद के चलते नरेंद्र और जितेंद्र ने मिलकर वीरेंद्र को गोली मारी। गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।






