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कांशीराम जयंती पर मायावती का विपक्ष पर तीखा हमला, बोलीं- ‘अच्छे दिन’ और ‘पीडीए’ जनता को भ्रमित करने वाले नारे

बसपा प्रमुख ने श्रद्धांजलि देने के साथ कांशीराम को भारतरत्न देने की केंद्र सरकार से मांग दोहराई, कहा कि सपा, भाजपा व कांग्रेस जैसी पार्टियां चुनाव के समय दलितों, पिछड़ों एवं मुस्लिमों को लुभातीं और चुनाव खत्म होते ही उन्हें कर देती हैं तिरस्कृत

लखनऊ, 15 मार्च 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश और देश के विभिन्न स्थानों पर रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और केंद्र सरकार से कांशीराम को भारतरत्न देने की मांग दोहराई।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मायावती ने कहा कि आज देश की जनता ‘अच्छे दिन’ जैसे हसीन सपनों, हवाहवाई बातों और लुभावनी घोषणाओं के चक्रव्यूह में फंसकर परेशान है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को चुनावी स्वार्थ से प्रेरित बताते हुए इसे विशुद्ध छलावा करार दिया। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा, भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां चुनाव के समय दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों को लुभाती हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही उन्हें तिरस्कृत कर देती हैं।

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बसपा प्रमुख ने कहा कि मुस्लिम समाज के इन दलों से अलग होने और ब्राह्मण समाज के बसपा के साथ जुड़ने से सपा की राजनीतिक और जातिवादी शत्रुता और बढ़ गई है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार से मांग की कि मान्यवर कांशीराम को भारतरत्न से सम्मानित करने में अब और देरी न की जाए। मायावती ने कांग्रेस पर भी तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने लंबे समय तक बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारतरत्न से वंचित रखा उसी तरह आज कांशीराम के साथ भी उपेक्षा का रवैया अपनाया जा रहा है।

मायावती ने कहा कि देश में समतामूलक समाज के निर्माण में कांशीराम का ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों, जिलों और संस्थानों के नाम बदलने का काम किया है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ में स्थापित ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी उर्दू, अरबी, फारसी विश्वविद्यालय’ का नाम पहले सपा सरकार ने बदला और फिर वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे ‘भाषा विश्वविद्यालय’ बनाकर उसके महत्व को कम कर दिया। इसी तरह ‘मान्यवर श्री कांशीराम नगर’ जिले और सहारनपुर में उनके नाम पर बने अस्पताल का नाम बदलने को भी उन्होंने संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता का परिचायक बताया।

मायावती ने बहुजन समाज से बसपा से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सच्चे मिशनरी अंबेडकरवादी बनकर ही वोट की ताकत से ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सत्ता प्राप्त कर ही संविधान में दिए गए अधिकारों को जमीन पर लागू किया जा सकता है।

उधर, लखनऊ स्थित कांशीराम प्रेरणा स्थल पर भी बड़ी संख्या में समर्थक और नेता पहुंचे और पुष्पांजलि अर्पित कर कांशीराम को नमन किया। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कांशीराम दिवस मनाया जा रहा है और दलित, ओबीसी समेत अन्य वर्ग के लोग बसपा के साथ खड़े हैं। उन्होंने सपा के पीडीए पर तंज कसते हुए कहा कि इसका अर्थ ‘परिवार एलायंस दल’ है जबकि कांग्रेस ने अपनी सरकार के दौरान कांशीराम का अपमान किया।

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