हरदोई, 4 मार्च 2026:
गंभीर चिकित्सीय लापरवाही के कारण पथरी के ऑपरेशन के दौरान पेट में सर्जिकल तौलिया छूट जाने का आरोप लगाया गया है। पांच महीने तक दर्द से जूझने के बाद 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि समय रहते सही इलाज होता तो जान बच सकती थी।
पांच महीने पहले हुआ था ऑपरेशन
टड़ियावां क्षेत्र की निवासी जदुरानी का करीब पांच माह पहले सीतापुर रोड स्थित मुरलीपुरवा के एक निजी नर्सिंग होम में पथरी का ऑपरेशन हुआ था। आरोप है कि सर्जरी के दौरान डॉक्टर पेट के अंदर सर्जिकल तौलिया ही छोड़ बैठे। ऑपरेशन के बाद महिला को लगातार पेट दर्द और बेचैनी बनी रही। परिवार ने इसे सामान्य समझकर दवा इलाज जारी रखा, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
दूसरी जांच में खुला राज
पांच फरवरी को महिला को दूसरे डॉक्टर को दिखाया गया। जांच के दौरान पेट के अंदर तौलिया होने की जानकारी मिली। इसके बाद दोबारा सर्जरी कर तौलिया निकाला गया, लेकिन तब तक संक्रमण काफी फैल चुका था। इलाज के दौरान रविवार को महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
नर्सिंग होम पर बदला बोर्ड, संचालक गायब
परिजनों का कहना है कि शिकायत के बाद जब वे नर्सिंग होम पहुंचे तो वहां मैरिज लान का बोर्ड लगा मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक संचालक मौके से गायब है। इससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
मृतका के पति ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कई निजी संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता संदिग्ध रहती है, फिर भी 24 घंटे इलाज का दावा किया जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि फिलहाल इस मामले की औपचारिक जानकारी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






