लखनऊ, 23 नवंबर 2025:
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में रविवार को आयोजित भव्य ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ कार्यक्रम के शुभारंभ में पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज की दुनिया अर्जुन की तरह मोह और भय से ग्रस्त है।
उन्होंने कहा कि भारत कभी विश्वगुरु था लेकिन हजारों वर्षों तक आक्रमणों और गुलामी का सामना करने के बावजूद अपनी पहचान और अस्तित्व को बनाए रखा। मोहन भागवत ने श्रीमद्भगवद् गीता को धर्म-ग्रंथों के सार के रूप में बताते हुए कहा कि अर्जुन जैसा दृढ़ व्यक्तित्व भी जब मोह में डूब गया तब श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों को नष्ट किया गया, धर्मांतरण हुए, वैभव छिना गया फिर भी भारत टिका रहा। अब समय धर्म की रक्षा का है। राममंदिर पर झंडा फहराने का क्षण निकट है। राजा जनक की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बदलती रहती हैं लेकिन जो धर्म को धारण करता वही स्थिर रहता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया असमंजस में है और सही दिशा केवल गीता के माध्यम से संभव है। भागवत ने प्रतिदिन गीता के 700 श्लोकों के वाचन की प्रेरणा देते हुए कहा कि शांति और संतोष के बिना कल्याण संभव नहीं।






