एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 17 जनवरी 2026:
तहसील मोहनलालगंज में प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था को लेकर बार एसोसिएशन के वकीलों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। शनिवार को तहसील समाधान दिवस के दौरान वकीलों ने सभागार में जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। अधिवक्ताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए सभा कक्ष में जमकर हंगामा काटा फिर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
हंगामे के दौरान एसडीएम समेत अन्य अधिकारी वकीलों को समझाने पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। वकीलों ने साफ कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। वकीलों का कहना है कि बिना किसी सलाह- मशविरा के उपनिबंधक कार्यालय को दूर-दराज के इलाके में शिफ्ट कर दिया गया। इससे अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि तहसील अदालतों के आदेश समय पर लागू नहीं हो रहे। बहस पूरी होने के बाद भी फैसले महीनों तक लटके रहते हैं। यहां तक कि साधारण वरासत के मामले भी लंबे समय तक पेंडिंग पड़े रहते हैं।
लेखपालों पर बदसलूकी और लापरवाही के आरोप
वकीलों ने लेखपालों पर समय से आख्या न देने और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। कई मामलों में मारपीट, बदतमीजी और दबंगई की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसके अलावा एसडीएम कार्यालय पर दलालों के जरिए फाइलों का निस्तारण कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए।

समाधान दिवस में अफसरों की लेटलतीफी से नाराजगी
इधर, तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में भी अव्यवस्था देखने को मिली। उपजिलाधिकारी पवन पटेल और तहसीलदार रितुराज शुक्ला फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे, लेकिन प्रभारी एडीएम, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी सुबह 11:40 बजे तक नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम में अफसरों की इस देरी से फरियादी और वकील दोनों खफा नजर आए। लोगों का कहना था कि जब खास कार्यक्रम में ही लापरवाही हो रही है, तो आम दिनों में न्याय कैसे मिलेगा।
गंदगी और अव्यवस्था पर भी सवाल
तहसील परिसर और मुख्य गेट के सामने फैली गंदगी को लेकर भी वकीलों ने नाराजगी जताई। सफाई व्यवस्था पर ध्यान न देने का आरोप लगाया गया। साथ ही नई महिला लेखपालों को बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के प्रभार देने पर भी सवाल उठाए गए। बार एसोसिएशन ने मांग की कि उन्हें पहले अनुभवी लेखपालों के साथ ट्रेनिंग दी जाए।
इसलिए शुरू हुई वकीलों की हड़ताल
तहसील और अदालतों की बिगड़ती व्यवस्था से तंग आकर बार एसोसिएशन ने शनिवार से हड़ताल शुरू कर दी। यह हड़ताल अध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ला और महामंत्री रामलखन यादव के नेतृत्व में की गई। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष केपी सिंह, सुरेन्द्र जायसवाल, शिव अटल सिंह, अमरेंद्र प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में वकील मौजूद रहे।
वकीलों ने कहा कि उपनिबंधक कार्यालय का स्थान गलत है, आदेश समय पर लागू नहीं होते, फैसले लटकाए जाते हैं, लेखपाल समय से रिपोर्ट नहीं देते दलालों का दखल बढ़ गया है। तहसील में सफाई व्यवस्था खराब है और इन सब वजहों से न्यायिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा
बार एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सभी समस्याओं का पूरा समाधान नहीं होगा, तब तक कामकाज सामान्य नहीं किया जाएगा। वकीलों का कहना है कि वे अपने मुवक्किलों के प्रति जवाबदेह हैं और लगातार अव्यवस्थाओं से उनकी साख को नुकसान पहुंच रहा है। फिलहाल अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन मुर्दाबाद नारे लगाते हुए सभा कक्ष में जमकर हंगामा काटने के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।






