राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 26 फरवरी 2026:
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के खातों में 145.93 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। गुरुवार को मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में यह सहायता लाभार्थियों को प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि समाज में लैंगिक असमानता को मिटाने और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने की दिशा में यह योजना ठोस परिणाम दे रही है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। वर्ष 2017 से संचालित इस योजना का उद्देश्य बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना, संस्थागत प्रसव बढ़ाना, बाल विवाह पर रोक लगाना और उच्च शिक्षा सुनिश्चित करना है। योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11,000 रुपये तथा 12वीं उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51,000 रुपये की सहायता दी जाती है।
इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और बेटियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। अधिकारियों ने लाभार्थियों से संवाद कर योजना की पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। कार्यक्रम में विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक मोहित चौधरी, नोडल अधिकारी उदय प्रताप सिंह सहित जितेंद्र कुमार, नीतू फुलेरा, शिखा कंडवाल, शिवप्रसाद भट्ट और सुरेंद्र सिंह चौहान उपस्थित रहे।






