वाराणसी, 4 जनवरी 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए प्रदेश और देश में तेजी से विकसित हो रही खेल संस्कृति पर चर्चा की।
पीएम के संबोधन से पूर्व कार्यक्रम में मंच से वंदे मातरम् का गायन हुआ, खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट किया और ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टेडियम का निरीक्षण भी किया और उसके मॉडल को देखा। इस सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देशभर की 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें 30 पुरुष और 28 महिला टीमें शामिल हैं। प्रतियोगिता में एक हजार से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम के नेतृत्व में आज देश में खेल की एक नई संस्कृति विकसित हो रही है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के जरिए गांव से लेकर शहर तक खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में 43 साल बाद वाराणसी नगर निगम की ओर से सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में जो भी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर नजर आ रहा है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन को दर्शाता है। यहां खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए आज एमओयू भी किया गया है। आज हमारे खिलाड़ी ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं और पहले से ज्यादा पदक जीत रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने एक नए भारत को बनते देखा है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन का लाभ आज हर वर्ग तक पहुंच रहा है, यहां तक कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में खेलो इंडिया की शुरुआत के बाद खेल को देखने का नजरिया बदला है। खेल अब समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जीवन के संपूर्ण विकास का अहम हिस्सा बन चुका है।
कार्यक्रम के दौरान वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हमेशा खेल भावना के साथ खेलना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने खेल बजट में बढ़ोतरी की है और मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम से स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तैयार की जा रही है। डिप्टी सीएम ने वॉलीबॉल को गांव-घर का पारंपरिक खेल बताते हुए कहा कि वर्ष 1982 के बाद उत्तर प्रदेश में पहली बार नेशनल स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित हो रही है।







