योगेंद्र मलिक
देहरादून, 16 जनवरी 2026
उत्तराखंड के देहरादून में राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने होमस्टे नीति में बदलाव, केदारनाथ में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी नई पहल और ब्रिडकुल को नए निर्माण कार्य सौंपने का निर्णय लिया है। इन फैसलों को राज्य के पर्यटन और विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
होमस्टे का लाभ अब केवल स्थानीय लोगों को
कैबिनेट ने उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा उद्योग, होमस्टे तथा बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीयन विनियम-2026 (Registration Regulations-2026) को मंजूरी दी है। नए नियमों के अनुसार होमस्टे योजना का लाभ अब केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को मिलेगा। इससे पहले पर्यटन और यात्रा उद्योग के लिए अलग-अलग पंजीयन नियम लागू थे, जिससे जटिलताएं आ रही थीं। अब इन सभी नियमों को एक साथ लाकर प्रक्रिया को सरल किया गया है। यह पहल उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड की ओर से की गई है।
ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढावा
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस फैसले से उत्तराखंड के ग्रामीण और मूल निवासियों को अपने स्वामित्व वाली संपत्ति से रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि होमस्टे के माध्यम से स्थानीय लोग आत्मनिर्भर बनें और बाहरी लोगों की भागीदारी को सीमित रखा जाए। इसके लिए नए पंजीयन विनियमों के प्रचार और प्रसार को भी मंजूरी दी गई है।
केदारनाथ में बनेगा पर्यावरण सुरक्षित ईंधन
कैबिनेट बैठक में केदारनाथ धाम में एक नई प्रायोगिक परियोजना को भी हरी झंडी दी गई। यहां खच्चरों से निकलने वाले अपशिष्ट को पर्यावरण अनुकूल ईंधन गोली में बदला जाएगा। खच्चरों के अपशिष्ट और देवदार की पत्तियों को 50-50 प्रतिशत अनुपात में मिलाकर जैव ईंधन तैयार किया जाएगा। यह परियोजना एक वर्ष के लिए प्रयोग के तौर पर लागू की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढावा मिलेगा।
ब्रिडकुल को मिला नया दायित्व
सरकार ने उत्तराखंड राज्य बुनियादी ढांचा विकास निगम यानी ब्रिडकुल के कार्यक्षेत्र का विस्तार भी किया है। अब ब्रिडकुल रोपवे, स्वचालित और यांत्रिक कार पार्किंग तथा सुरंग या गुहा पार्किंग से जुड़े निर्माण कार्य भी कर सकेगा। इससे लंबे समय से उपेक्षित इस एजेंसी को नई मजबूती मिलेगी और राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी।






