लखनऊ, 1 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में नए साल का जश्न जहां एक ओर उल्लास से भरा रहा वहीं हजरतगंज चौराहे पर बुधवार देर रात एक शर्मनाक वाकये ने पुलिस महकमे की साख पर सवाल खड़े कर दिए। रात करीब 12:30 बजे ट्रैफिक डायवर्जन और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक दरोगा नशे की हालत में कार चलाते हुए हजरतगंज चौराहे पर पहुंचा। इसके बाद जो हुआ उसने मौके पर मौजूद लोगों को हैरानी में डाल दिया।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जब ट्रैफिक डायवर्जन के कारण दिशा बदलने को कहा तो कार में सिविल ड्रेस में बैठे दरोगा तैश में आ गए। खिड़की का शीशा नीचे करते ही उन्होंने वर्दी में खड़े जवानों से अभद्र भाषा में बात शुरू कर दी और धमकाने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की मगर नशे में धुत दरोगा ने बात मानने के बजाय जानबूझकर कार आगे बढ़ा दी।

स्थिति बेकाबू होती देख पुलिसकर्मियों ने आगे बैरिकेडिंग कर रास्ता रोका लेकिन दरोगा ने ताबड़तोड़ कार को बैरिकेड पर चढ़ा दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बैरिकेड क्षतिग्रस्त हो गया और माहौल अफरातफरी में बदल गया। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर दरोगा को कार से नीचे उतारा मगर वो गलती मानने के बजाय तर्क-वितर्क और धमकी भरे लहजे में बातचीत करता रहा।
हालात को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक डीसीपी मौके पर पहुंचे। उनके सवाल पूछते ही दरोगा ने ऊंची आवाज में जवाब देने शुरू कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह डीसीपी पर भी चिल्लाते हुए देख लेने की धमकी देने लगा। यह पूरा दृश्य चौराहे पर मौजूद लोगों की भीड़ के सामने होता रहा। इससे तमाशा देखने वालों का हुजूम बढ़ता चला गया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस बल ने दरोगा को काबू में किया। तभी धीरे-धीरे उसे एहसास हुआ कि उसने न केवल सड़क पर उत्पात मचाया है बल्कि उच्चाधिकारी से भी अभद्रता की है। नशा उतरते ही रौब झाड़ता दरोगा अचानक बदल गया। भीड़ और अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। खुद को बचाने की कोशिश करता दिखाई दिया। लेकिन पुलिस ने माफी स्वीकारने से इनकार किया और उसे वहीं से जीप में बैठाकर हजरतगंज कोतवाली ले गई। दरोगा की पहचान बाराबंकी में तैनात अमित जायसवाल बताई गई है।






