हरदोई, 17 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मनरेगा और शंकराचार्य के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले हरदोई में पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई। शहर के अलग-अलग इलाकों के साथ रेलवे स्टेशन को सुरक्षा घेरे में लेकर छावनी जैसा माहौल बना दिया गया। सुबह-सुबह हरदोई रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी मच गई जब पुलिस की निगरानी के बावजूद कुछ कांग्रेस नेता प्लेटफॉर्म तक पहुंच गए।
जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय, युवा कांग्रेस के मोहन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मंगलवार सुबह पुलिस की नजरों से बचते हुए प्लेटफॉर्म पर पहुंचे ही थे कि सुरक्षाकर्मियों ने दौड़ लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। जैसे ही पंजाब मेल स्टेशन पर आई पुलिस ने घेराबंदी और कड़ी कर दी। ट्रेन में सवार होने की कोशिश कर रहे नेताओं को रोककर हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में भी कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।

हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं में जिलाध्यक्ष के साथ शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सिंह, उपाध्यक्ष अजीत सिंह चंदेल, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हसन अहमद और सेवा दल अध्यक्ष शिवम अग्निहोत्री शामिल हैं। पुलिस ने सभी को कांग्रेस कार्यालय में नजरबंद कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई जिससे लखनऊ कूच के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।
उधर, पुलिस बल की तैनाती के बावजूद कांग्रेस के कुछ नेता घेराबंदी तोड़ते हुए लखनऊ पहुंचने में सफल रहे। जिला महासचिव राजेंद्र वर्मा, पाली नगर अध्यक्ष अहद अली, योगेंद्र सिंह और विनोद यादव के लखनऊ पहुंचने की बात कही गई। कांग्रेस नेतृत्व ने प्रशासन की इस कार्रवाई को पुलिसिया दमन बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने से रोका जा रहा है। वहीं प्रशासन का दावा है कि किसी भी तरह की अराजकता रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इस घटनाक्रम ने हरदोई से लेकर लखनऊ तक सियासी तापमान बढ़ा दिया है।






