लखनऊ/प्रयागराज, 05 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को मजबूती देने की दिशा में सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। प्रयागराज के फूलपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन इंद्री धाम मंदिर के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा। स्कंद पुराण और दुर्गा सप्तशती में वर्णित मां इंद्री की आस्था को केंद्र में रखते हुए इस परियोजना पर 1.27 करोड रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को नया और आकर्षक स्वरूप मिलेगा।
नवरात्र और कुंभ में उमडती है श्रद्धालुओं की भीड
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थराज प्रयाग स्थित मां इंद्री धाम श्रद्धा और विश्वास का बडा केंद्र है। चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र के आठवें दिन देवी के महागौरी स्वरूप में विशेष श्रृंगार और पूजा होती है, जो भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति देती है। महाकुंभ और माघ मेला 2026 के दौरान भी प्रयागराज आने वाले श्रद्धालु इंद्री धाम में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे।
1.27 करोड की योजना, कई आधुनिक सुविधाएं होंगी विकसित
इंद्री धाम को पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने के लिए विकास कार्य शुरू किया गया है। पहली किस्त के रूप में 30 लाख रुपये जारी किए गए हैं। परियोजना के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग वाले रास्ते, बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा, डस्टबिन, साइनेज और म्यूरल आर्ट जैसे कार्य कराए जाएंगे।
महर्षि दुर्वासा आश्रम के पास स्थित है इंद्री धाम
प्रयागराज में महर्षि दुर्वासा आश्रम के समीप स्थित इंद्री धाम मंदिर को आनंदी मैया के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थल अत्यंत प्राचीन है और यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्र के दौरान यहां विशेष रूप से भारी भीड देखने को मिलती है। अब पर्यटन विकास के जरिए इस प्राचीन धार्मिक स्थल को आधुनिक सुविधाओं से जोडा जा रहा है।
प्रयागराज बना देश का बडा धार्मिक पर्यटन केंद्र
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात के मुताबिक प्रयागराज अब धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में रिकॉर्ड 69.14 करोड से अधिक पर्यटक पहुंचे, जिनमें 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक शामिल थे। संगम नगरी घरेलू और इनबाउंड टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन रही है। ग्रामीण पर्यटन और होम स्टे से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं। सरकार का फोकस कम चर्चित और अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को आगे लाने पर है।






