सीतापुर, 13 फरवरी 2026:
सीतापुर में मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के प्रस्ताव को लेकर विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद राकेश राठौर के नेतृत्व में मजदूरों ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट के जरिए भेजा। ज्ञापन देने से पहले बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतरे और नारेबाजी कर सरकार से फैसले पर दोबारा सोचने की मांग की।
कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने कहा कि यह अधिनियम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के श्रम, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज की सोच को दर्शाता है। ऐसे में योजना के नाम से गांधी का नाम हटाना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा होगा।
मजदूर बोले, योजना हमारी पहचान और सहारा
सीतापुर में प्रदर्शन के दौरान मनरेगा मजदूरों ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम सिर्फ रोजगार देने वाली योजना नहीं है, बल्कि गांव के करोड़ों मजदूरों के सम्मान, सुरक्षा और हक से जुड़ा भरोसा है। उनका कहना था कि इस योजना ने मुश्किल वक्त में ग्रामीण परिवारों को सहारा दिया है।

सांसद ने कहा कि मनरेगा ने गांवों में बेरोजगारी कम करने और मजदूरों के पलायन को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई है। इससे लोगों को काम के साथ सम्मान भी मिला है। उनका कहना था कि किसी योजना से राष्ट्रपिता का नाम हटाना केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक रूप से भी बड़ा मुद्दा है।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से अपील की गई है कि प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर इसे निरस्त किया जाए और योजना की मूल भावना को बरकरार रखा जाए। साथ ही ग्रामीण मजदूरों के अधिकार और सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।






