लखनऊ, 5 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एमपी एमएलए विशेष अदालत में आज राहुल गांधी के कथित विवादित बयान को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से वकालतनामा दाखिल किया गया। राहुल गांधी के वकील ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब इस केस की अगली सुनवाई 31 जनवरी 2026 को होगी।
यह मामला राहुल गांधी के एक बयान से जुडा है, जिस पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता वकील नृपेन्द्र पांडेय के अनुसार, 15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि- “वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ”। आरोप है कि यह बयान भारत राष्ट्र और उसकी संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है और जानबूझकर दिया गया।
कोर्ट में यह दलील दी गई कि इंडियन स्टेट का अर्थ केवल सरकार या सत्ताधारी दल नहीं है, बल्कि इसमें संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका और पूरी संवैधानिक व्यवस्था शामिल है। ऐसे में इंडियन स्टेट के खिलाफ लड़ने की बात करना देश की एकता और अखंडता पर सवाल खड़ा करता है। शिकायतकर्ता की ओर से इसे राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में बताया गया है।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, के सी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने राहुल गांधी के बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया। इससे यह संकेत मिलता है कि बयान सामूहिक सहमति से दिया गया। आरोप है कि ऐसे बयानों से युवाओं और आम लोगों में भ्रम और असंतोष फैलाया जा रहा है।
राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले से कई मामले चल रहे हैं। सुल्तानपुर की दीवानी अदालत में 2018 का मानहानि केस लंबित है। वहीं, लखनऊ की एक अदालत में वीर सावरकर को लेकर दिए गए बयान के मामले में राहुल पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके अलावा हाथरस की एमपी एमएलए अदालत में भी एक मानहानि केस की सुनवाई जारी है। मौजूदा मामले की सुनवाई लखनऊ की एसीजेएम तृतीय एमपी एमएलए विशेष कोर्ट में हो रही है, जहां आगे की विधिक कार्रवाई अगली तारीख पर तय होगी।






