लखनऊ, 11 जनवरी 2026:
यूपी पुलिस ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्टता और तकनीक आधारित पुलिसिंग का परचम लहराया है। यूपी पुलिस को नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित 105वें स्कॉच समिट में वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड (गोल्ड कैटेगरी) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाकुंभ-25 के दौरान स्थापित ICCC (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) तथा सोशल मीडिया सेंटर की मेटा सुसाइडल अलर्ट से जुड़ी अभिनव और जीवनरक्षक पहल के लिए प्रदान किया गया। इस वर्ष स्कॉच समिट की थीम Governing Viksit Bharat रही।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण को मिला यह पुरस्कार उनके द्वारा नामित अधिकारियों ने ग्रहण किया। ICCC महाकुंभ-25 के तत्कालीन प्रभारी आईपीएस अमित कुमार, मेटा सुसाइडल अलर्ट पहल के लिए डीजीपी के जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव तथा मेटा (फेसबुक) साउथ एशिया के डायरेक्टर आउटरीच सत्या यादव ने सम्मान प्राप्त किया।

इस अवसर पर डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तकनीक-सक्षम, संवेदनशील और जनोन्मुख पुलिसिंग के लिए निरंतर मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनके विजन के अनुरूप यूपी पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक को पुलिसिंग में प्राथमिकता के साथ लागू कर रही है। स्कॉच अवॉर्ड-2025 इसी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
महाकुंभ-25 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए ICCC को एक नर्व सेंटर और कंट्रोल हब के रूप में विकसित किया गया। यहां AI आधारित तकनीकों के माध्यम से भीड़ का अनुमान, व्यक्ति सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, 24×7 निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया। साथ ही चैटबॉट, मास मैसेजिंग और ऐप आधारित सेवाओं के जरिए श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई गई।
यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर ने मेटा कंपनी के सहयोग से आत्महत्या रोकथाम की एक अनूठी पहल शुरू की। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित सामग्री पोस्ट होने पर मेटा द्वारा पुलिस मुख्यालय को तत्काल अलर्ट भेजा जाता है। 24×7 सक्रिय यह डेस्क यूपी एसटीएफ सर्वर से जुड़ी है जिससे पीड़ित की लोकेशन का पता लगाकर स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दी जाती है। इसके बाद रेस्क्यू, काउंसिलिंग और सहायता सुनिश्चित की जाती है।
1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच प्राप्त 1,802 अलर्ट के माध्यम से 1,805 लोगों की जान बचाई गई। उनमें 1,389 पुरुष और 416 महिलाएं शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या 19-25 वर्ष आयु वर्ग की रही।
भविष्य में आत्महत्या के प्रयासों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए डीजीपी ने एक और नई पहल के तहत सभी मामलों में मिशन शक्ति केंद्र और 1090 के टेली काउंसलर के माध्यम से निरंतर काउंसिलिंग के निर्देश जारी किए हैं। यह पहल यूपी पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और मानव जीवन की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।






