योगेंद्र मलिक
देहरादून, 4 फरवरी 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में कौशल विकास की प्रगति और प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोडने को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
आईटीआई बढ़े, फिर भी रोजगार क्यों नहीं?
बैठक में यह अहम मुद्दा उठा कि राज्य में आईटीआई और तकनीकी संस्थानों की संख्या बढ़ने के बावजूद युवाओं को उद्योगों में अपेक्षित रोजगार और वेतन क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन और समन्वय की कमी बताते हुए व्यवस्था में तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
कुशल कामगार नहीं, बेरोजगार युवा ज्यादा
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर जैसे कामों के लिए कुशल लोग आसानी से नहीं मिलते, वहीं दूसरी ओर आईटीआई पास युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा और कौशल विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया।
इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, मानव संसाधन भी स्मार्ट बने
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर काफी नहीं है, बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। उन्होंने उद्योगों की जरूरत के अनुसार रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित शिक्षक और आईटीआई संस्थानों के अपग्रेडेशन पर ध्यान देने को कहा।

तीन स्तर पर तैयार होगी वर्कफोर्स
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन स्तर की वर्कफोर्स तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें बेसिक स्किल वाले दैनिक कार्यकर्ता, मीडियम तकनीक के कामगार और उच्च तकनीकी कौशल वाले युवा शामिल होंगे, जिससे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
ट्रेनिंग के साथ नौकरी की गारंटी
उन्होंने निर्देश दिए कि जैसे ही किसी युवा का प्रशिक्षण के लिए चयन हो, उसे रोजगार देने वाली संस्था से जोडा जाए। इससे ट्रेनिंग के दौरान ही नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। तकनीकी पाठ्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा और शॉर्ट, मिड और लॉन्ग टर्म परिणाम तय करने पर भी जोर दिया गया।
विदेशी रोजगार और पारदर्शी भर्ती पर फोकस
बैठक में विदेशों में रोजगार के लिए चयनित युवाओं को भारत सरकार की गाइडलाइंस साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि वे संबंधित देश के माहौल में आसानी से खुद को ढाल सकें। साथ ही सरकारी भर्तियों में पूरी पारदर्शिता और अदालतों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
उद्योगों को प्रशिक्षण से जोडने की पहल
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण प्रक्रिया में भागीदार बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल विकसित होगा और युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी विभागों को एक मंच पर लाकर रोजगार और कौशल योजनाओं को तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव कौशल विकास सी रविशंकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






