लखनऊ, 4 जनवरी 2026:
मजबूत इच्छाशक्ति के साथ आधुनिक सोच और बेहतर नीति हो तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से भी सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। इटावा जिले के भतोरा गांव की रहने वाली मंत्रवती शाक्य ने यही कर दिखाया है। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी से जूझने वाली मंत्रवती आज गांव में रहकर स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट और रागी जैसी उन्नत व बाजारोन्मुख फसलों की खेती से सालाना करीब तीन लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
इटावा मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित भतोरा गांव की यह कहानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ग्रामीण विकास की विशेष योजनाओं का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री के विजन के तहत स्वयं सहायता समूहों से प्रदेशभर की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। उन्हें आमदनी बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़कर मंत्रवती ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए लाभकारी खेती को अपनाया।

आठवीं तक शिक्षित मंत्रवती शाक्य ने यह साबित कर दिया कि डिग्री से ज्यादा जरूरी हुनर, मेहनत और सही मार्गदर्शन होता है। कोरोना काल जैसे कठिन दौर में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने भविष्य की मजबूत नींव रखी। वर्तमान में वह एक बीघा भूमि में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रही हैं। इसकी फसल अक्टूबर से मार्च तक तैयार होती है। इसके अलावा तीन बीघे में ड्रैगनफ्रूट की खेती कर रही हैं। इसकी कटाई हर छह महीने में होती है। साथ ही रागी जैसे मोटे अनाज की खेती भी कर रही हैं जो पांच से छह महीने में तैयार हो जाती है। इन फसलों के जरिए उन्हें सालभर स्थायी आय मिल रही है।

मंत्रवती की सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है। वह अब अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं। जिले के विभिन्न ब्लॉकों की 50 से अधिक महिलाओं को वह आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उनका कहना है कि 12 से 15 महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर काम शुरू किया जा सकता है। ब्लॉक स्तर पर एनआरएलएम कार्यालय में तैनात समूह सखी खाता खुलवाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तक पूरा मार्गदर्शन करती हैं। इसके लिए केवल आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो की आवश्यकता होती है। thehohalla News
मंत्रवती की उपलब्धियों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें दो बार सम्मानित कर चुके हैं। अब उनके लिए यह गर्व का क्षण है कि वह आगामी गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला के अनुसार कृषि और गैर कृषि क्षेत्रों से स्वयं सहायता समूह की 30 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जाना है। इसे आगे चलकर एक करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। मंत्रवती शाक्य की कहानी बताती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो गांव की महिलाएं भी सफल उद्यमी बनकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत पहचान बन सकती हैं।






