लखनऊ, 27 नवंबर 2025:
फेन्सेडिल व कोडीन युक्त अन्य कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर यूपी एसटीएफ ने एक बड़ा प्रहार किया है। गुरुवार को एसटीएफ टीम ने इस गिरोह के फरार मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के बेहद करीबी वाराणसी के सिकरौल के रहने वाले अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित ग्वारी चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
अमित टाटा की गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने उसके पास से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी (UP65 FN 9777), दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, नगदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। टीम उससे कफ सिरप तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
मूलत: जौनपुर निवासी अमित टाटा के पिता अशोक सिंह पर भी इस मामले में मुकदमा दर्ज है। जांच में सामने आया है कि झारखंड की देवकृपा नामक फर्म अमित टाटा से जुड़ी हुई थी।
बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल 5 नवंबर को दुबई भाग चुका है। इससे पहले 18 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा किया था। 4 नवंबर को गाजियाबाद से सौरभ त्यागी को गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के अनुसार एसटीएफ की जांच का दायरा और बढ़ चुका है। अमित टाटा के कई करीबी अब एजेंसी के रडार पर हैं। यहां तक कि यूपी पुलिस से बर्खास्त एक सिपाही की भूमिका भी जांच में सामने आई है। गिरोह के कई सदस्य दुबई समेत विदेशी ठिकानों से नेटवर्क चला रहे थे। इस समय दुबई में मौजूद मेरठ निवासी आसिफ भी इस तस्करी गिरोह से जुड़ा पाया गया है।
सिंडिकेट झारखंड से बांग्लादेश बॉर्डर तक कफ सिरप पहुंचाने का नेटवर्क संचालित करता था। इस कड़ी में ‘आईडी’ नाम का एक रहस्यमयी व्यक्ति प्रमुख भूमिका में बताया जा रहा है। उसकी तलाश जारी है। एसटीएफ की यह कार्रवाई कफ सिरप तस्करी के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।






