लखनऊ, 17 जनवरी 2026:
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य ने केंद्र व राज्य सरकारों की उपलब्धियों और विपक्ष की नीतियों पर विस्तार से बात की।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा देश की सांस्कृतिक विरासत को संभालते हुए निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। हाल के चुनावों में पार्टी ने विभिन्न राज्यों के साथ-साथ एमसीडी चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि घुसपैठिया परस्त मानसिकता रखने वाले दल अब परास्त हो रहे हैं और चुनाव दर चुनाव इंडी गठबंधन बिखरता जा रहा है। सदन के पटल पर भी इंडी गठबंधन को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।
पश्चिम बंगाल के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि वहां बीएलओ पर किसी का नाम मतदाता सूची से न काटने का दबाव बनाया गया, जिससे मानसिक तनाव की स्थिति बनी और आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आईं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर उन्होंने कहा कि यूपी में सपा शासनकाल में मीडिया पर हमले हुए थे और आज पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई में पहली बार भाजपा का मेयर बनने जा रहा है, जो पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस बंगाल में कांग्रेस को कोई सीट देने को तैयार नहीं है, जिससे इंडी गठबंधन की सच्चाई सामने आ रही है।
एसआईआर प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि यह लगातार चल रही है, लेकिन विपक्ष इसे लेकर भ्रम फैला रहा है। अखिलेश यादव के बयानों में विरोधाभास है—कभी वे भाजपा के वोट कटने की बात करते हैं, तो कभी अपने वोट कटने की।
राम मंदिर आंदोलन पर उन्होंने कहा कि यह समाज और संतों के सहयोग से चला था। राम मंदिर बनने के बाद आज वही विपक्ष पूजा-पाठ कर रहा है, जो पहले इसका विरोध करता था। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि आज रोजा इफ्तार जैसे कार्यक्रम क्यों बंद कर दिए गए हैं और राहुल गांधी राम मंदिर दर्शन के लिए क्यों नहीं आते।
लोकसभा चुनाव के दौरान एआई से बने भ्रामक वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने गलत प्रचार किया था, लेकिन जनता ने सच्चाई को पहचान लिया। अंत में उन्होंने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में विकास और कानून व्यवस्था ऐतिहासिक मुकाम पर है और आने वाले चुनावों में भी इंडी गठबंधन की स्थिति और कमजोर होगी।






