खेल डेस्क, 6 जनवरी 2026:
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय खेल प्रशासन के प्रमुख चेहरों में शामिल सुरेश कलमाड़ी का आज सुबह पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। परिजनों के मुताबिक, वह काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे और सुबह करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर आते ही देश के खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
उनके निधन पर खेल संगठनों, खिलाड़ियों और राजनीतिक हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। कई संगठनों ने उन्हें भारतीय खेल प्रशासन का मजबूत स्तंभ बताया।

कलमाड़ी ने वर्ष 1996 से 2011 तक भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान वह देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले आईओए अध्यक्षों में शामिल रहे। उनके नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर मौजूदगी और सशक्त हुई और कई खेल आयोजनों को नई पहचान मिली।
1944 में जन्मे सुरेश कलमाड़ी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय वायुसेना के फाइटर पायलट के रूप में की थी। उन्होंने 1965 और 1971 के भारत पाकिस्तान युद्धों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता के तौर पर पुणे से कई बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे।
आईओए के अलावा कलमाड़ी ने एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और इंटरनेशनल एथलेटिक्स फेडरेशन काउंसिल के सदस्य के रूप में भी काम किया। उनके कार्यकाल में भारत ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब अभिनव बिंद्रा ने देश को पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में भी वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे। पुणे इंटरनेशनल मैराथन जैसे आयोजनों के जरिए उन्होंने शहर के खेल ढांचे को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई।






