लखनऊ/शाहजहांपुर, 5 फरवरी 2026:
प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना और यूजीसी के मुद्दे पर उठाए गए सवालों के बाद चर्चा में आए बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अब खुलकर राजनीति में उतरने के संकेत देने लगे हैं। गुरुवार को शाहजहांपुर पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने साफ कहा कि वह एक नए विकल्प की तैयारी कर रहे हैं। जल्द ही इसकी औपचारिक जानकारी देंगे।
शाहजहांपुर में परशुराम धाम में दर्शन-पूजन के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतंत्र विफल होता दिख रहा है। इसी वजह से उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने ही लोगों से लड़ने नहीं आए हैं बल्कि हालात को सुधारने के लिए वैकल्पिक रास्ता तलाश रहे हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान समय में हालात बेहद खराब हो चुके हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि सामान्य वर्ग की दुर्गति के साथ-साथ ओबीसी वर्ग भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे में सभी वर्गों को साथ लेकर एक मजबूत विकल्प देने की तैयारी चल रही है।
यूजीसी के नए नियमों को लेकर उन्होंने कहा कि पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है लेकिन जनप्रतिनिधि चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश नेता केवल नरेंद्र मोदी के नाम पर टिकट हासिल करते हैं और बाद में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण कर चुनाव जीत जाते हैं। उनके पास व्यक्तिगत जनाधार नहीं है। हालांकि उन्होंने ब्रजभूषण सिंह और राजा भैया का उदाहरण देते हुए कहा कि व्यक्तिगत जनाधार वाले नेताओं ने इस मुद्दे पर आवाज जरूर उठाई है।
अलंकार अग्निहोत्री ने खुद को ब्राह्मण चेहरे के रूप में स्थापित करने वाले नेताओं को भी घेरा और उनसे यूजीसी नियमों के खिलाफ खुलकर बोलने की अपील की। उन्होंने भाजपा को ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ बताते हुए एससी-एसटी एक्ट का भी विरोध किया। इस दौरान कांग्रेस के युवा जिलाध्यक्ष रामजी अवस्थी और जिला महामंत्री गौरव त्रिपाठी सहित कई लोग उनके साथ मौजूद रहे।






