स्पोर्ट्स डेस्क, 11 मार्च 2026:
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिताब जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की खुलकर तारीफ की और कहा कि काश पाकिस्तान टीम में भी उनके जैसे खिलाड़ी होते। वहीं यूएई के तेज गेंदबाज जाहूर खान ने दावा किया है कि उन्होंने भारतीय स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह की स्लोअर गेंद की तकनीक को बेहतर बनाने में मदद की थी।

विश्व चैंपियन बनने के बाद बढ़ी चर्चा
टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त देने वाली भारतीय टीम और खिलाड़ियों की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों की तारीफ हो या दूसरे देशों के क्रिकेटरों के बयान, हर जगह भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना सुनाई दे रही है। ऐसे में पाकिस्तान के बासित अली और यूएई के जाहूर खान के बयान सुर्खियों में हैं।

अभिषेक शर्मा की पारी के मुरीद हुए बासित अली
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ अभिषेक शर्मा की अहम पारी ने कई दिग्गजों का ध्यान खींचा। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक टीवी शो में उनकी तारीफ करते हुए कहा कि खराब फॉर्म के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी के तीन बार शून्य पर आउट होने से उसकी क्लास खत्म नहीं हो जाती। फॉर्म आती-जाती रहती है, लेकिन असली प्रतिभा हमेशा बनी रहती है। बासित अली ने यह भी कहा कि काश पाकिस्तान टीम के पास भी अभिषेक जैसे दो-तीन बल्लेबाज होते।

टूर्नामेंट की शुरुआत में रहे थे संघर्ष में
अभिषेक शर्मा के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत आसान नहीं रही थी। ग्रुप स्टेज में वह लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट हुए थे और उनकी काफी आलोचना भी हुई थी। हालांकि फाइनल में उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाकर टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाई और खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई। मैच के बाद अभिषेक ने कहा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ने मुश्किल दौर में उन पर भरोसा बनाए रखा, जिससे उनका आत्मविश्वास बना रहा।
यूएई के तेज गेंदबाज जाहूर खान का दावा
इसी बीच यूएई के तेज गेंदबाज जाहूर खान का एक बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि 2020 में यूएई में हुए आईपीएल के दौरान वह मुंबई इंडियंस के नेट बॉलर थे। उसी समय उनकी बातचीत जसप्रीत बुमराह से हुई थी। जाहूर के मुताबिक, बुमराह पहले से स्लोअर गेंद डालते थे, लेकिन उन्होंने बिना एक्शन बदले इसे फेंकने की एक खास तकनीक समझाई थी। उनका कहना है कि बाद में बुमराह ने इस गेंद को और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया।







