लखनऊ, 13 जनवरी 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रगति पोर्टल की समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने सरकारी कामकाज की तस्वीर ही बदल दी है। अब अफसरों की जवाबदेही तय हो रही है और जनता की शिकायतों का वक्त पर समाधान हो रहा है।
राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रगति पोर्टल ने शासन व्यवस्था में एक नया दौर शुरू किया है। इससे न सिर्फ कामों की रफ्तार तेज हुई है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय सुधारों को भी मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जिन योजनाओं को पूरा होने में सालों लग जाते थे, अब वही काम महीनों और कई बार तो कुछ ही दिनों में पूरे हो रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रगति पोर्टल के जरिए सभी विभाग एक साथ बैठकर मसलों पर बात करते हैं और मौके पर ही फैसले ले लेते हैं।

सीएम योगी ने बताया कि इस मंच के जरिए अब तक करीब 97 फीसदी जन-शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को भी इससे रफ्तार मिली है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकारी योजनाओं का फायदा आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले परियोजनाएं तो मंजूर हो जाती थीं, लेकिन उनके पूरा होने का कोई तय समय नहीं होता था। कई योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाती थीं। आज हालात बदल चुके हैं। अब हर प्रोजेक्ट के साथ उसकी समय-सीमा तय होती है और काम की नियमित निगरानी भी होती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रगति पोर्टल ने अफसरों की जिम्मेदारी तय की है। अब किसी भी काम में ढिलाई की गुंजाइश नहीं है। जनता की शिकायतें सीधे उच्च स्तर तक पहुंच रही हैं, जिससे लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई हो रही है। सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उसकी परेशानी का हल समय पर हो सके।






